बिहार विधान परिषद के सदस्य क़ारी मोहम्मद सोहैब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया है। वर्तमान में इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2025 निर्धारित है।
पत्र में क़ारी सोहैब ने कहा है कि वक्फ संपत्तियाँ भारत की साझा विरासत, सामाजिक न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता की प्रतीक हैं। संविधान के तहत अल्पसंख्यकों को अपने धार्मिक, सांस्कृतिक और संस्थागत अधिकारों की सुरक्षा का पूरा हक़ प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण एक व्यापक और तकनीकी प्रक्रिया है, और इतने कम समय में बिहार सहित पूरे देश में फैली लाखों संपत्तियों का पंजीकरण करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। यदि समय सीमा बढ़ाई नहीं गई, तो अनेक संपत्तियाँ औपचारिक पंजीकरण से वंचित रह सकती हैं, जिससे विवाद, अतिक्रमण और कानूनी जटिलताओं का खतरा बढ़ जाएगा।
इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि पंजीकरण की अंतिम तिथि को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जाए, ताकि यह प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और पूर्ण रूप से संपन्न हो सके। क़ारी सोहैब ने कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों की संवैधानिक सुरक्षा और सामाजिक उपयोगिता सुनिश्चित होगी।
इस पहल को धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
