केरल की सियासी हलचल तेज़ होने के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, पूर्व वित्त मंत्री थॉमस आइजैक और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. एम. अब्राहम को KIIFB मसाला बॉन्ड मामले में ₹466 करोड़ का FEMA शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है। यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी।
सूत्रों के अनुसार यह नोटिस 10–12 दिन पहले जारी किया गया था और FEMA (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट) के तहत आने के कारण इन अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
नोटिस की जांच KIIFB (Kerala Infrastructure Investment Fund Board) द्वारा 2019 में जारी ₹2,150 करोड़ के मसाला बॉन्ड के उपयोग को लेकर है। जांच यह पता लगाने के लिए की गई कि क्या इस राशि का उपयोग FEMA नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं। KIIFB राज्य सरकार की मुख्य एजेंसी है, जो केरल के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए वित्त जुटाती है।
पूर्व वित्त मंत्री थॉमस आइजैक ने ED के नोटिस को राजनीतिक तौर पर प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “यह चुनावी समय का एक रूटीन प्रचार है। इसका मकसद भाजपा और यूडीएफ को फायदा पहुंचाना है। ED लगातार हर चुनाव में मसाला बॉन्ड मामले को लेकर कार्रवाई करती रही है। जब कुछ नहीं मिला, तो अब नई रणनीति अपनाई जा रही है।”
आइजैक ने कहा कि पहले भी उनसे और उनके परिवार के बैंक रिकॉर्ड्स के संबंध में पूछताछ की गई थी, जिसे उन्होंने “प्राइवेसी में घुसपैठ” करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने ED से स्पष्टीकरण मांगा था, जो अब तक नहीं दिया गया।
आइजैक ने KIIFB की ओर से कहा, “मसाला बॉन्ड के कुछ फंड का भूमि अधिग्रहण में उपयोग करना ही अपराध बताया गया है। लेकिन KIIFB ने जमीन खरीदी नहीं, बल्कि अधिग्रहित की, जो अनुमति प्राप्त है। और जब फंड का इस्तेमाल हुआ, RBI ने पहले ही इस पर लगी पाबंदी हटा दी थी। हम कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद विस्तार से जवाब देंगे।”
इस बीच, CPI(M) के केरल राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने ED की कार्रवाई पर व्यंग्य करते हुए कहा, “हर चुनाव सीजन में ED का नोटिस आता है। मैं तो सोच रहा था कि इस बार क्यों नहीं आया, और अब आ गया।”
ED द्वारा जारी यह नोटिस राज्य में चुनावी सियासत में नया विवाद पैदा कर सकता है।