बिहार के नवादा जिले के काशीचक थाना क्षेत्र में 26 नवंबर को पुलिस कस्टडी में नाबालिग युवक की संदिग्ध मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नवादा एसपी अभिनव धीमान ने थानेदार अक्षय कुमार गुप्ता समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पकरीबरावां द्वारा जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर थानेदार अक्षय कुमार गुप्ता, सहायक थानाध्यक्ष लवेश्वर कुमार, चौकीदार कपिलदेव पासवान और होमगार्ड हरेराम कुमार को निलंबित किया गया।
यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। नाबालिग छात्रा की मां ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी 25 नवंबर तक घर वापस नहीं लौटी। आसपास के लोगों के अनुसार लड़की को एक नाबालिग लड़के और उसके दो दोस्तों के साथ देखा गया था। पुलिस ने 26 नवंबर को सभी को पकड़ लिया और नाबालिग लड़के को रात लगभग 8:30 बजे थाने में लाया।
चौकीदार कपिलदेव पासवान की निगरानी में रखे गए नाबालिग की 27 नवंबर की सुबह लगभग 07:15 बजे पुलिस कस्टडी में संदिग्ध मौत हो गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशीचक लाने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक नाबालिग के परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अस्पताल पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने दो पुलिस वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया और जमकर हंगामा किया।
डीएसपी राकेश कुमार भास्कर ने कहा कि नाबालिग को प्रेम प्रसंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि थाने में CCTV लगा है, जिसकी जांच के आधार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
घटना स्थल को सुरक्षित कर FSL टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देशों के अनुसार कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई और पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड के समक्ष वीडियोग्राफी के साथ जांच कराई जा रही है। आयोग के मानक प्रक्रिया के तहत न्यायिक जांच भी जारी है।
