मधुबनी में मजदूर मोहम्मद मुर्शीद को बांग्लादेशी कहकर भीड़ ने घेरकर बेरहमी से पीटा, गंभीर रूप से घायल। AIMIM के आदिल हसन ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की।

बिहार के सुपौल जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव के मजदूर नूरशीद आलम के साथ बिहार के ही मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के नंदी चकरा गांव में मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई। पीड़ित वहां मजदूरी के लिए गया था।

नूरशीद आलम ने बताया कि, “मैं एक दुकान पर सामान लेने गया था। तभी एक युवक आया और बोला कि ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ बोलो। मैंने कहा कि हम ‘जय भारत’ बोल सकते हैं लेकिन ‘जय श्री राम’ नहीं। एक घंटे बाद वही युवक धमकाते हुए वापस आया और जबरदस्ती कहने के लिए मजबूर किया। मैंने मजबूरी में बोल दिया।”

पीड़ित ने आगे बताया, “कल हो कर काम पर गया और दोपहर में लंच के लिए बाहर गया। वापसी में दुकान के सामने 2-3 लोग खड़े थे। उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कहा कि मैं बांग्लादेशी हूँ। इसके बाद मुझे 3 किलोमीटर तक घसीटते हुए पीटा। मेरे नाक-मूंह से खून बह रहा था, लेकिन कोई मदद नहीं की। भीड़ ने धमकी दी कि मुझे काली मंदिर में चढ़ा देंगे और जिंदा गाड़ देंगे। वहां लगभग 50 लोग जमा थे और देर तक लात-घूसों से हमला करते रहे।”

पीड़ित के गांव वालों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। थानेदार ने कहा, “चोट लगी है, हम जांच कर रहे हैं। दुकानदार से भी पूछताछ हो रही है।” पीड़ित शुरू में मुकदमा दर्ज करने में हिचकिचा रहे थे, लेकिन पुलिस की सलाह पर उन्होंने आवेदन दिया और एफआईआर दर्ज कर ली गई।

इस घटना के बाद पीड़ित के गांव के अन्य मजदूर भी डर के कारण काम छोड़कर अपने गांव लौट गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक तनाव और डर का माहौल पैदा करती हैं और मजदूरों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालती हैं।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर