ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने झारखंड के गढ़वा में यूट्यूब पत्रकार विकास कुमार पर हुए बर्बर हमले की कड़ी निंदा की है। आइसा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला और राज्य में कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति बताया।
गढ़वा निवासी 22 वर्षीय विकास कुमार (पिता: स्वगीर्य भरत प्रसाद साव) 3 जनवरी को एक वीडियो बनाने के लिए फ्रेंडशिप ऑनलाइन सर्च सेंटर गए थे। वीडियो बनाने के बाद अचानक 10–12 लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आइसा का कहना है कि हमले के प्रयास अभी भी जारी हैं।
झारखंड की आइसा सह-सचिव संजना मेहता ने विकास कुमार से फोन पर बात कर घटना की पूरी जानकारी ली। विकास ने बताया कि हमला विकास माली नामक व्यक्ति से जुड़े लोगों द्वारा किया गया, जिस पर महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप हैं और जिनके खिलाफ पहले भी थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। विकास ने बताया कि उनके चैनल पर खबर चलाने से नाराज़ होकर इन लोगों ने पहले धमकाया और बाद में सामूहिक रूप से हमला किया।
इस मामले में थाने में आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आइसा ने इसे मॉब लिंचिंग जैसी घटना करार दिया है और चेतावनी दी है कि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई न होने पर अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।
AISA ने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करने में विफल रहता है तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक प्रतिरोध दर्ज करेंगे।
