बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन डिप्टी सीएम और नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में खुले में मांस और मछली बेचने पर सख्त पाबंदी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब केवल लाइसेंसधारी दुकानदार ही मांस बेच पाएंगे, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिन्हा ने सदन में बताया कि किसी की भावनाओं को आहत किए बिना, नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा “कोई भी ओपन सड़क पर मांस नहीं बेचेगा। लाइसेंसधारियों के अलावा किसी को अनुमति नहीं होगी, और उल्लंघन करने वालों पर कड़ा एक्शन होगा।”
यह निर्णय दरभंगा में हाल ही में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान लोगों की शिकायतों के बाद लिया गया। नगर निगम क्षेत्रों में सड़क किनारे मांस की खुली बिक्री से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
सरकार ने नई गाइडलाइंस भी जारी की हैं
मांस बेचने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा!
दुकानों को परदे या शीशे से ढकना होगा।
स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों के पास दुकान खोलना प्रतिबंधित।
नियम तोड़ने पर ₹5,000 तक का जुर्माना।
सिन्हा ने कहा कि प्रशासन को अवैध मांस बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने और वैध लाइसेंसधारियों को उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से सही निर्णय है।
बिहार में पहले से खुले में मांस बिक्री पर रोक थी, लेकिन कई स्थानों पर यह अब भी जारी थी। अब नए निर्देशों के साथ इसे पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।
