मुजफ्फरपुर में लंबे इंतजार के बाद हवाई सेवा की राह साफ हो गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पताही एयरपोर्ट के विकास और उन्नयन के लिए 72 करोड़ रुपये से अधिक की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
टेंडर के तहत एयरपोर्ट का विकास दो चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण में टर्मिनल भवन, अग्निशमन केंद्र, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर और भूमिगत संप हाउस का निर्माण होगा। इस चरण का अनुमानित खर्च 28.58 करोड़ रुपये है। टेंडर प्रक्रिया 27 फरवरी को खुल जाएगी और अप्रैल में एजेंसी चयन के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
दूसरे चरण में रनवे का विस्तार और अन्य जरूरी निर्माण कार्य शामिल हैं। इसमें टैक्सीवे, एप्रॉन, पेरिमीटर रोड, वाहन लेन और इमरजेंसी रोड का निर्माण होगा। इस चरण की लागत लगभग 43.13 करोड़ रुपये है।
एयरपोर्ट तैयार होने के बाद यहां से 19 सीटर छोटे विमान उड़ान भर सकेंगे। साथ ही दो विमान के पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इससे उत्तर बिहार के यात्रियों को तेज आवागमन के साथ बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और पटना‑दरभंगा जैसे हवाई अड्डों पर निर्भरता कम होगी।
मुजफ्फरपुर में 1970 के बाद बंद पड़े पताही एयरपोर्ट से 57 वर्षों बाद उड़ान सेवा शुरू होगी। यह परियोजना केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (UDAN) और बिहार सरकार की पहल के तहत की जा रही है।
वर्तमान में एयरपोर्ट के पास लगभग 99.44 एकड़ भूमि उपलब्ध है। परियोजना पूरी होने पर यह न केवल मिथिलांचल, बल्कि नेपाल और उत्तर बिहार के जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय नेतृत्व ने इस परियोजना को राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है।
