खाड़ी युद्ध: ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमले तेज, तेहरान में भारी तबाही; केर्मान एयरपोर्ट को नुकसान, अब तक 5000 ठिकानों पर हमले का दावा

मध्य-पूर्व में जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त सैन्य अभियान में तेज़ी आ गई है। अमेरिकी सैन्य कमान का दावा है कि अब तक ईरान के करीब 5,000 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में लगातार हवाई हमलों और विस्फोटों की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेहरान के कई इलाकों में सोमवार रात भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद कई जगहों पर आग लग गई और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

रेसालत इलाके में तबाही, मलबे से निकाले गए घायल

ईरान की राहत एजेंसी रेड क्रेसेंट द्वारा जारी वीडियो में तेहरान के रेसलात इलाके में भारी तबाही के दृश्य सामने आए हैं। वीडियो में बचावकर्मी क्षतिग्रस्त घरों के मलबे के बीच घायलों को तलाशते और बाहर निकालते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में कई आवासीय इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं।

केर्मान एयरपोर्ट पर हमला

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दक्षिणी ईरान के केर्मान एयरपोर्ट को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है। एयरपोर्ट के एक हिस्से और पास स्थित ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया, जिससे वहां खड़े कुछ विमानों को भी क्षति पहुंचने की खबर है।

इज़रायली सेना ने कहा है कि उसके हमले ईरान के सैन्य एयरफील्ड, रनवे और रक्षा प्रणालियों को निशाना बना रहे हैं, ताकि ईरान की वायु और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर किया जा सके।

तेहरान के आसमान में दिखी नीली चमक

हमलों के दौरान तेहरान के आसमान में नीली चमक दिखाई देने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक यह चमक बिजली या ऊर्जा ढांचे पर मिसाइल हमलों के बाद पैदा हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

1,200 से अधिक लोगों की मौत की आशंका

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार अब तक इस संघर्ष में ईरान में 1,200 से अधिक लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई शहरों में आवासीय क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

अमेरिका का दावा—ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर की जा रही

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान ईरान के मिसाइल ठिकानों, सैन्य अड्डों, कमांड सेंटर और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाकर उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। बढ़ते तनाव के बीच मध्य-पूर्व के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।

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