मध्य-पूर्व में चल रहा युद्ध अब एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल गया है। ताज़ा घटनाक्रम में बहरीन की राजधानी मनामा में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि मनामा के सीफ़ इलाके में एक ऊँची रिहायशी इमारत पर संदिग्ध मिसाइल या ड्रोन हमले में 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई और कम से कम आठ लोग घायल हुए। इससे पहले मनामा के दक्षिण में स्थित सितरा द्वीप पर भी ड्रोन हमले की घटना सामने आई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
बहरीन की सेना के अनुसार देश की वायु रक्षा प्रणाली ने अब तक ईरान की ओर से दागे गए 105 मिसाइलों और 176 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना की United States Fifth Fleet का मुख्यालय होने के कारण वहां सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है।
इज़रायल पर मिसाइलों की बौछार
इसी बीच ईरान ने इज़रायल के कई हिस्सों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। केंद्रीय इज़रायल में एक मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इसके कुछ ही घंटों बाद लेबनान के संगठन Hezbollah ने भी इज़रायल पर रॉकेट दागे। इन हमलों में 16 लोग घायल हुए और एक डे-केयर सेंटर को नुकसान पहुंचा।
इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का “कड़ा और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा।
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
ईरानी हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
क़तर की सेना ने 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया।
सऊदी अरब ने अपने पूर्वी तेल-समृद्ध क्षेत्र के ऊपर दो ड्रोन मार गिराए।
कुवैत की नेशनल गार्ड ने देश के उत्तर और दक्षिण में हमला कर रहे कई ड्रोन को नष्ट किया।
संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में रूवैस औद्योगिक परिसर में ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया गया है।
ऊर्जा ढांचे को बनाया जा रहा निशाना
विश्लेषकों का कहना है कि हाल के हमलों का मुख्य लक्ष्य तेल और गैस से जुड़ी ऊर्जा संरचनाएं हैं।
सऊदी अरब के शैबा ऑयलफील्ड सहित कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की खबरें हैं। यह क्षेत्र रोज़ाना लगभग 10 लाख बैरल तेल उत्पादन करता है। ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लगातार हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
होरमुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव
तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने की चेतावनी दी है।
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित करने की कोशिश की तो अमेरिका “पहले से 20 गुना अधिक ताकत से जवाब देगा।”
इसके जवाब में ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps के प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध कब समाप्त होगा, इसका फैसला ईरान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो पूरा मध्य-पूर्व एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ सकता है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने और समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव ने इस संकट को वैश्विक आर्थिक और सामरिक चुनौती में बदलने की आशंका को और बढ़ा दिया है! कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।