लेबनान में इज़राइल के हमलों का कहर: बेरूत और दक्षिणी शहरों पर हवाई हमले, 570+ नागरिक मरे, 7,80,000 विस्थापित, हीज़बुल्लाह ने जवाबी रॉकेट हमला किया, फ्रांस भेज रहा 60 टन राहत सामग्री

लेबनान में इज़राइल के लगातार हवाई हमलों ने व्यापक तबाही मचा दी है। राजधानी बेirut और देश के दक्षिणी व पूर्वी क्षेत्रों में हवाई हमलों से अब तक 570 लोग मारे गए और 1,444 घायल हुए हैं।

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बेirut के आइशा बक्कर क्षेत्र में एक बहुमंजिली इमारत पर हमला हुआ। कई परिवारों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अल-जहिरा की रिपोर्ट में कहा गया कि यह हमला किसी लक्षित हत्याकांड का हिस्सा प्रतीत होता है, हालांकि यह इमारत हीज़बुल्लाह के किसी प्रभाव क्षेत्र में नहीं थी।

साउथ लेबनान के तमनिन अल-ताहता में सात लोग मारे गए और पांच घायल हुए। वहीं, सफ अल-हवा, बिन्त जबील में ड्रोन हमले में तीन नागरिक मारे गए। अल-शहाबिया में सात की मौत और 11 घायल होने की खबर मिली। इसके अलावा, नबातियेह और ज़लाया, बेक्का में एक-एक व्यक्ति की जान गई।

बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी हमले जारी रहे, जिनमें हीज़बुल्लाह का मजबूत आधार माना जाता है। हाना वे, टायर जिले में दो हवाई हमलों में तीन नागरिक मारे गए, जिनमें एक पैरामेडिक शामिल था। अल-हौश और ज़ौतर अल-शरकिया में हुए हमलों में भी कई लोग घायल हुए।

लेबनान सरकार ने कहा कि अब तक लगभग 7,80,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। अधिकांश लोग डाहियेह और अन्य दक्षिणी क्षेत्रों से बेirut के सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों में शरण लिए थे, लेकिन अब वहां भी उन्हें खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

हीज़बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान के खियम क्षेत्र में इज़राइल के सैन्य ठिकानों पर रॉकेट हमला किया। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है।

अंतरराष्ट्रीय मदद के तौर पर फ्रांस ने 60 टन मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की। इसमें सैनिटेशन किट, हाइजीन किट, गद्दे, लैंप और मोबाइल मेडिकल पोस्ट शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफ़न डुजारिक ने संघर्षविराम की अपील की और कहा कि दक्षिण लेबनान के लितानी नदी के नीचे, बेक्का घाटी और बेirut के दक्षिणी उपनगरों में लगभग सभी नागरिक युद्ध की चपेट में हैं।

पत्रकार ज़ीना खोद्र और हैडी पेट के अनुसार, बेirut के केंद्र में लोग “अब कहीं सुरक्षित नहीं हैं, कोई मोर्चा नहीं है” की मानसिकता में हैं। कई इमारतों के हिस्से आग की लपटों में हैं और नुकसान व्यापक है।

लेबनान में यह युद्ध नागरिक जीवन को तहस-नहस कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर रहा है।

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