अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच हुई सैन्य कार्रवाई और गोलाबारी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पाकिस्तानी हमलों के जवाब में अफगान रक्षा बलों ने दक्षिण वजीरिस्तान के वानेह क्षेत्र में स्थित एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर को निशाना बनाया है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई “प्रतिस्थापन ऑपरेशन” के तहत की गई, जिसमें पाकिस्तानी सेना के विशेष बलों की इकाई एसएसजी कमांडो और शिविर की अन्य महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। मंत्रालय का कहना है कि इस जवाबी हमले में सैन्य मुख्यालय का एक बड़ा हिस्सा और बेस की कई सुविधाएं नष्ट हो गईं, जिससे पाकिस्तान को भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा।
कंधार और नूरिस्तान में हमलों का आरोप
इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने कंधार में एक व्यसन उपचार केंद्र के स्वास्थ्य विभाग के पास और एक खाली कंटेनर को निशाना बनाकर बमबारी की। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
वहीं इस्लामी अमीरात के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फतरात ने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ने नूरिस्तान प्रांत के कामदिश जिले में एक नागरिक घर पर गोलाबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक स्मारक भवन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
खोस्त और कुनार में नागरिकों की मौत
अफगान अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से खोस्त प्रांत के सेपीरा और गरबाज़ जिलों में भी मोर्टार और तोपखाने से हमले किए गए। इन हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। इसके अलावा गरबाज़ जिले के एक गांव पर देर रात हुए मोर्टार हमले में एक महिला और एक बच्चे की भी मौत की सूचना है।
खोस्त के ज़ज़ई मैदान जिले के बाजार, केंद्रीय क्लिनिक और अता खेल गांव पर हमले में एक महिला सहित चार लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए।
कुनार में भारी गोलाबारी, 150 गोले दागे गए
अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के सूचना अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में पाकिस्तानी सेना ने डांगम, सरकानो, नारी और मुनवराह जिलों पर लगभग 150 गोलियां और गोले दागे। इस गोलाबारी में दो नागरिक घायल हुए और कई घरों को आग लगा दी गई।
हजारों परिवारों का पलायन
डुरंड रेखा के पास कुनार के पार्तो जिले में लगातार हो रही गोलाबारी के कारण हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की अंधाधुंध बमबारी से लोग अपने गांवों से विस्थापित होकर सुरक्षित क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं।
चीन ने शुरू की मध्यस्थता
बढ़ते तनाव के बीच चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीजिंग को उम्मीद है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान हिंसा को कम कर सीधी बातचीत शुरू करेंगे। अफगानिस्तान के लिए चीन के विशेष दूत ने मध्यस्थता के उद्देश्य से दोनों देशों की यात्रा भी शुरू कर दी है।
युद्ध किसी के हित में नहीं: पाकिस्तानी नेता
पाकिस्तान की सीनेट में विपक्ष के नेता और मुस्लिम एकता सभा के अध्यक्ष अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध किसी के हित में नहीं है। उनके अनुसार इस संघर्ष से केवल क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी और आम लोग पीड़ित होंगे।
उधर अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री अब्दुलसलाम हनाफी ने कहा कि अफगानिस्तान किसी भी देश के साथ युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन किया गया तो देश की रक्षा करना आवश्यक होगा।
पख्तून नेताओं ने की हमलों की निंदा
खैबर पख्तूनख्वा के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी संयुक्त बयान जारी कर अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की है। नेताओं ने कहा कि यह एक “अघोषित युद्ध” है, जिसका सबसे अधिक नुकसान डुरंड रेखा के दोनों ओर रहने वाले पश्तून नागरिकों को उठाना पड़ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तत्काल बातचीत शुरू नहीं हुई तो सीमा पर यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है। फिलहाल सीमा के कई इलाकों में तनाव बना हुआ है और स्थानीय नागरिक भय और अनिश्चितता के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।