मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जारी कूटनीतिक बातचीत में हुई “सकारात्मक और उत्पादक प्रगति” को देखते हुए लिया गया है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कुछ ही समय पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे के पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा।
इसी बीच इज़राइल की सैन्य कार्रवाई जारी है। इज़राइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि उसकी वायुसेना ईरान की राजधानी तेहरान में कई ठिकानों को निशाना बना रही है। इन हमलों को ईरान की सैन्य और रणनीतिक संरचनाओं पर केंद्रित बताया गया है।
वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने दक्षिण लेबनान में एक महत्वपूर्ण पुल को उड़ाए जाने को संभावित जमीनी कार्रवाई का संकेत बताया है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष के और विस्तार की आशंका बढ़ गई है।
क्षेत्र में तनाव के बीच कई अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के आसपास तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला है। इज़राइल के शहर अराद पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास एक व्यापारी जहाज के करीब विस्फोट की घटना सामने आई है, हालांकि सभी चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं। क़तर में एक सैन्य हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य इस पूरे संकट का अहम केंद्र बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यहां किसी भी प्रकार का अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है।
अमेरिका द्वारा हमले टालने के इस फैसले को जहां एक ओर कूटनीति के लिए अवसर के रूप में देखा जा रहा है, वहीं क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। आने वाले पांच दिन इस संकट की दिशा तय करेंगे।