भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (माले) की पाँच सदस्यीय जाँच टीम ने सीवान के हसनपुरा थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप हुई घटना की जांच के बाद इसे सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश करार दिया है। टीम ने कहा कि इस मामले में कई निर्दोष ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
जाँच टीम ने घटनास्थल का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की और तथ्य जुटाने के बाद खुरमाबाद स्थित जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता कर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की। टीम के अनुसार, घटना की शुरुआत एक ई-रिक्शा और स्कॉर्पियो के आपस में सट जाने से हुई। इसके बाद कथित तौर पर कुछ सामंती, सांप्रदायिक और आपराधिक तत्वों ने ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पास में क्रिकेट खेल रहे युवकों ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी। घटना के समय हमलावर तीन गाड़ियों में सवार थे, जिनमें से एक गाड़ी मौके से फरार हो गई, जबकि दो गाड़ियों को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस के पहुंचने पर एक आरोपी चंदन सिंह को हिरासत में ले लिया गया।
इस मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं—एक ई-रिक्शा चालक की ओर से, दूसरी चंदन सिंह की ओर से तथा तीसरी पुलिस की ओर से। माले की जाँच टीम ने कहा कि फायरिंग की घटना के लिए मुख्य रूप से चंदन सिंह जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
टीम ने हसनपुरा थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कथित रूप से आरोपी को उकसाने का काम किया। साथ ही, “हम हिन्दू हैं, इसलिए हमारे साथ ऐसा किया जा रहा है” जैसे बयानों को सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश बताया गया।
माले ने दावा किया कि कई निर्दोष लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं, जिनमें एक ऐसा व्यक्ति भी है जो विदेश में रहता है। पार्टी ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
प्रेस वार्ता में अमरनाथ यादव, नैमुद्दीन अंसारी, सोहिला गुप्ता, विकास यादव, उमेश प्रसाद तथा हृदया यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
माले ने चेतावनी दी है कि वह सांप्रदायिक तनाव फैलाने की किसी भी साजिश का पुरजोर विरोध करेगी।
