दिल्ली में बिहारी युवक पांडव की कथित हत्या के मामले को लेकर रविवार को राजधानी का जंतर-मंतर एक बड़े विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बन गया। जन सुराज पार्टी ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और मामले की स्वतंत्र जांच, मुआवजा तथा सरकारी नौकरी की मांग उठाई।
दिन के करीब एक बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में दिल्ली में रहने वाले बिहार मूल के लोगों की बड़ी संख्या शामिल हुई। पार्टी के अनुसार, यह जुटान किसी राजनीतिक लाइन से ऊपर उठकर न्याय की मांग को लेकर किया गया जनसमर्थन था।
बिहारियों के साथ अपमान और हिंसा की घटनाएं चिंताजनक: विवेक कुमार
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता विवेक कुमार ने कहा कि दिल्ली में एक बड़ी बिहारी आबादी रहने के बावजूद उन्हें लगातार अपमान, शोषण और हिंसा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडव की हत्या केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के एक हवलदार द्वारा कथित रूप से पहचान को लेकर हुए विवाद के बाद पांडव की हत्या ने राजधानी में प्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन प्रमुख मांगें रखीं गईं
प्रदर्शन में शामिल नेताओं अनूप मैथिल और आदित्य मोहन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
1.मामले की जांच दिल्ली पुलिस के बजाय एक स्वतंत्र एसआईटी (SIT) से कराई जाए
2.पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए
3.परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर्याप्त संवेदनशील नहीं रही।
“बिहारियों का योगदान लेकिन सुरक्षा पर सवाल” – अक्षत सोनक
जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता अक्षत सोनक ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में बिहारी मजदूर और युवा महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनके साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब केवल एक राज्य या शहर का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चिंता का विषय है।
प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र
प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से मांग पत्र सौंपा। इस दौरान विवेक कुमार, अनूप मैथिल, आदित्य, शांतनु, धीरू मिश्रा, चंद्रजीत, अक्षत, धनराज, रिचा, प्रभात, रितेश और हरेंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, हालांकि मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई है।
