IGIMS नर्सिंग कॉलेज में 48 घंटे चले उग्र छात्र आंदोलन का अंत: वाइस प्रिंसिपल को सभी अकादमिक जिम्मेदारियों से हटाया गया, मानसिक उत्पीड़न व भेदभाव के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित, 2018 से लंबित स्टाइपेंड पर भी मिला आश्वासन, अस्पताल सेवाएं बाधित होने के बाद प्रशासन-छात्र वार्ता में बनी सहमति

पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS पटना) के नर्सिंग कॉलेज में पिछले 48 घंटों से जारी छात्राओं का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। स्वास्थ्य विभाग और संस्थान प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हुई वार्ता में कई अहम निर्णय लिए गए, जिसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, छात्र प्रतिनिधिमंडल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच संस्थान निदेशक कक्ष में करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। बातचीत के बाद प्रशासन ने वाइस प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से सभी अकादमिक कार्यों से हटाने का निर्णय लिया। अब वे किसी भी शैक्षणिक जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं होंगी।

इसके साथ ही छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

450 छात्राएं आंदोलन में शामिल थीं

यह आंदोलन बुधवार से शुरू हुआ था, जिसमें 2021 से 2025 बैच की लगभग 450 छात्राएं शामिल थीं। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार, परीक्षा में कथित भेदभाव और हॉस्टल में अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

छात्राओं का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

अस्पताल सेवाएं प्रभावित

प्रदर्शन के दौरान कॉलेज का मुख्य गेट बंद रहने से अस्पताल की सामान्य गतिविधियाँ प्रभावित रहीं। एंबुलेंस और मरीजों की आवाजाही बाधित होने के कारण ओपीडी और आपात सेवाओं पर असर पड़ा। मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्टाइपेंड और शैक्षणिक मुद्दों पर भी सहमति

वार्ता के दौरान छात्राओं द्वारा उठाए गए 2018 से लंबित स्टाइपेंड का मुद्दा भी सामने आया। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सात कार्य दिवसों के भीतर प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।

इसके अलावा, शैक्षणिक सत्रों में देरी और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों को समय पर दुरुस्त करने का भरोसा भी प्रशासन की ओर से दिया गया।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

आंदोलन समाप्त होने के बाद छात्राएं कक्षाओं और हॉस्टल में लौट गई हैं। हालांकि, सभी की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह स्पष्ट करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे की कार्रवाई क्या होगी। फिलहाल संस्थान में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।

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