पटना में मानवअधिकार संगठन NCHRO का राज्य स्तरीय सेमिनार सम्पन्न पूंजीवाद के चलते औद्योगिक घराने फासीवाद के मददगार हो रहे हैं।

पटना 28 मई। मानवअधिकार संगठन NCHRO के राज्य स्तरीय सेमिनार में वक्ताओं द्वारा पूंजीवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। केंद्र सरकार को मजदूर व किसान विरोधी एवं साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला बताया गया। राजधानी के आईएमए हॉल में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने केंद्र सरकार को जमकर कोसा।

सेमिनार में बोलते हुए संगठन के राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट अंसार इंदौरी ने कहा कि पूंजीवाद के चलते औद्योगिक घराने फासीवाद के मददगार हो रहे हैं। अगर शोषित पीड़ित जनता और शासक वर्ग के अंतर्विरोध एक साथ विस्फोटक रुप ले लेते हैं तो वे सम्राज्यवाद और फासीवाद के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। संगठन के सदस्य और विधायक डॉ.सौरव सूर्या ने कहा की पूंजीपतियों की हिमायत व गरीब, मजदूर, किसानों का शोषण करने वाली केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना और नागरिकों को जागरूक करना वक्त की जरूरत है।

हम यही दोहराना चाहेंगे कि मजदूर वर्ग की विचारधारा और राजनीति के आधार पर मजदूरों को संगठित किया जाय, उस विचार व राजनीति को आंदोलन के केंद्र में स्थापित किया जाय और तब उसके इर्दगिर्द अन्य सभी जनवादी शक्तियों की गोलबंदी हो। पटना यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर सोमप्रित ने कहा की आज के नफ़रत भरे माहौल में कई अन्य राजनैतिक दल खामोश हैं। ऐसे हालात में जिस दिन हम वैचारिक जंग जीत लेंगे, उसी दिन से हमारी जीत की शुरुआत हो जाएगी। इतिहास गवाह है की जनता की लड़ाई में साम्राज्यवाद को पीछे हटना पड़ा है। सेमिनार में बोलते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. मशकूर उस्मानी ने केंद्रीय मंत्रियों पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ गलत बयानी का आरोप भी लगाया।उन्होंने कहा की आज धर्म के नाम पर देश के नागरिकों को बांटा जा रहा है।

मंदिर मस्जिद के नाम पर देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। इन हालात को बदलने के लिए लोकतांत्रिक ताकतों को एक साथ आना होगा। सेमिनार में संगठन की सदस्य और पटना महिला कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर दिव्या गौतम ने साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने व मजदूर किसानों से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया। एपीसीआरसी के निदेशक मुस्तकीम सिद्दीकी ने देश के बंटवारे का आरोप लगाया। उन्होंने देश के अमन पसंद हिंदू नागरिकों से अपील की वो आरएसएस फासीवाद के एजेंडे को नकार दें और देश में भाईचारे क़ायम रखने के लिए प्रयास करें। सेमिनार की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार ने की उन्होंने कहा की विदेशों से काला धन वापस न लाने व दंगे भड़काने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया। उन्होंने संगठन के विचारों को गांव गांव तक पहुंचाने की बात कही।

अंत में प्रदेश सचिव एडवोकेट अदीबुद्दीन ने आए हुए श्रोताओं और वक्ताओं का धन्यवाद किया।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर