सभी बड़े शहर में कब्रिस्तान और ईदगाह के लिए ज़मीन,मौलाना व इमाम को मानदेय और बूढ़े मुसलमानों को पेंशन का आंध्रा प्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान

पटना (मुहम्मद रेहान/इंसाफ़ टाइम्स) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने अपनी रियासत में अपलसंख्यक समाज खास तौर पर मुसलमानों के उत्थान के लिए बहुत सारे वायदे किए हैं यह सारे वायदे बीजेपी, जनसेना और टीडीपी ने संयुक्त रूप से मैनिफेस्टो के ज़रिए जारी किए थे

जहां एक तरफ केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री खुद चुनावी रैलियों में मुसलमानों को मिलने वाले आरक्षण के खिलाफ थे और कहते थे कि “जब तक मैं जिंदा हूं दलितों और पिछड़ों का आरक्षण मैं मुसलमानों को नहीं देने दूंगा”। वही आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि राज्य में मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण मिलता रहेगा क्योंकि राज्य में मुसलमानों की प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है. और एनडीए (टीडीपी, जनसेना और भाजपा) ने मैनिफेस्टो के ज़रिए चुनाव से पहले राज्य में मुसलमानों के लिए हर बड़े शहर में कब्रिस्तान और ईदगाह के लिए ज़मीन, मस्जिद के इंतजामिया को 5 हजार की वित्तीय सहायता, 50 साल से अधिक उम्र के मुसलमानों को पेंशन, विजयवाड़ा के क़रीब में हज हाउस बनाने और 5 लाख ब्याज मुक्त लोन अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के ज़रिए दिया जायेगा.

अल्पसंख्यकों के प्रति केंद्र की बीजेपी सरकार की नीति और आंध्रप्रदेश में बिल्कुल उलट दिख रही है अब देखना होगा कि ये सारे वायदे कब तक पूरे होते हैं.

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर