
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) 21 अगस्त 2024 बुधवार को भारत बंद का ऐलान किया गया है,एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर कोटा बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित/आदिवासी संगठनों द्वारा ये आह्वान दिया गया है
मालूम हो की सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है की एससी/एसटी की बहुत सी जातियां आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकी है,इस लिए राज्यों को चाहिए कि वो चाहें तो आरक्षण में उन जातियों के लिए कोटा बनाएं जिनको अब तक लाभ नहीं मिल सका ओर वो ज्यादा पिछड़े हैं
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दलित संगठनों का गुस्सा सामने आया था और केंद्र सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी के चीफ़ चिराग पासवान ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का एलान किया था,बीजेपी के एसपी/एसटी सांसदों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस पर संज्ञान लेने की मांग किया था
हंगामे के बाद केंद्र सरकार ने बयान जारी कर कहा था कि “ये कोर्ट के जजों की एक राए है,और सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी”
सरकार के बयान के बाद भी दलित/आदिवासी समाज संतुष्ट नहीं है और अब 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान सब ने मिलकर कर दिया है
भारत बंद को बहुजन समाज पार्टी,भीम आर्मी,आज़ाद समाज पार्टी,भारत आदिवासी पार्टी,वंचित बहुजन आघाड़ी,बामसेफ समेत दर्जनों राजनीतिक व समाजिक संगठनों ने समर्थन दिया है,कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों के दलित/आदिवासी नेता भी बंद के समर्थन में आगे आए हैं