बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव दल,दवा,चारा और फंसे लोगों के भोजन की अविलंब व्यवस्था करे सरकार:माले

पटना (प्रेस रिलीज़/इंसाफ़ टाइम्स) भाकपा-माले की टीम ने औराई विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन समर्थित भाकपा-माले के पुर्व विधायक प्रत्याशी व आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब के नेतृत्व में औराई प्रखंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया दौरा।आफताब आलम ने कहा कि बागमती नदी के कई स्थानों पर तटबंध के टूट जाने के कारण औराई प्रखंड की एक दर्जन पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है. हजारों एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी है. पितौंझियां भदई व गोपालपुर बसंत सड़क पर तीन से चार फुट पानी का बहाव हो रहा है. रविवार की रात तिलक ताजपुर में बागमती परियोजना दक्षिणी बांध टूट जाने के कारण औराई प्रखंड क्षेत्र में सोमवार की सुबह से पानी प्रवेश कर गया है. इस कारण गोपालपुर व बसंत मुख्य सड़क पर पितौंझिया भदई मुख्य सड़क पर तीन से चार फुट पानी चल रहा है. यातायात पूर्ण रूपेण बाधित हो चुका है.अचानक बाढ़ का पानी आ जाने के कारण जोंकी,बेदौल, गोपालपुर, बसंत, शाहपुर, हिरदोपटटी, पितौंझिया, भदई गांव में अचानक बाढ़ का पानी चार से पांच फुट की ऊंचाई में प्रवेश कर गया है. देखते-देखते सैकड़ों घरों में तीव्र गति से बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया. वहीं पानी पूरब की ओर बढ़ता जा रहा है जिससे मिर्जापुर, मटिहानी, भरतपट्टी, हरपुर, शाहीजीवर, डीहजीवर, बनौली, एकमा, फतेहपुर ,बेरौना, सरहंचिया, आनंदपुर, हंसवारा, करहंट्टी, पटोरी, महुआरा, अमनौर, अतरार, भादो, रसलपुर ,आसमानपुर समेत कई गांव में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. इसलिए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं.इधर, बागमती परियोजना उत्तरी बांध टूटने के कारण धरहरवा व घनश्यामपुर पंचायत में बाढ़ का पानी सोमवार की दोपहर बाद प्रवेश कर गया. आफताब आलम ने बताया कि लोग ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं.बाढ़ के कारण लोग चारों ओर से घिर गए हैं. प्रशासन की ओर से लोगों की मदद नहीं किया जा रहा है.अंचलाधिकारी से संपर्क किया जारहा है लेकिन वोह काल नही उठा रहे हैं, स्थानीय सांसद और विधायक लापता है, डीहजीवर पंचायत बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित है। इसके चलते डीहजीवर वासियों का जीवन कष्ट में है। अब तक राज्य सरकार की ओर से बाढ़ राहत सामग्री का वितरण नहीं किया गया है।
बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि जिला प्रशासन की ओर से कहा तो जा रहा है कि बाढ़ राहत सामग्री का वितरण हो रहा है,लेकिन जमीनी हकीकत यह कि अब तक बाढ़ राहत सामग्री उनतक नहीं पहुंच रही है। जिला शासन के लोग सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं । उनकी सक्रियता नहीं होने से बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। आफताब आलम ने कहा कि मैं लगातार मांग कर रहा हूं की बाढ़ पीडतों के लिए बाढ़ राहत सामग्री, मवेशियों के लिए चारा और आवागमन की व्यवस्था राज्य शासन और जिला शासन करें। मगर अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
भाकपा-माले औराई-कटरा के प्रभारी मनोज कुमार यादव ने कहा कि क्या औराई -कटरा में प्रशासन को बाढ़ पीड़ित मिले? सरकार के पदाधिकारियों, सरकार के राजनीतिक प्रतिनिधियों के द्वारा अब तक क्या किया गया है?अब तक कितने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है या कोई बाढ़ में घिरा हुआ, फंसा हुआ ही नहीं है? बहुत सॉंप दिखाई पड़ रहा है। क्या स्वास्थ्य उप केन्द्रों में विष रोधी दवाओं की व्यवस्था की गयी है? निश्चित रूप से आम लोगों को जानकारी मिलनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर वे मदद ले सकें?
उन्होने कहा कि प्रशासन को बाढ़ से बचाव के लिए सूचना देने, लेने के लिए मोबाइल नंबर जारी करना चाहिए। लोग जरूरत के मुताबिक सहायता के लिए संपर्क करने या दूसरे पीड़ित के विषय में जानकारी देने के लिए यह नंबर उपयोगी होगा। ऐसा कोई नंबर आम आदमी की जानकारी में दिया गया हो नहीं लगता है।
यह संकट का समय है। प्रशासन को औपचारिकता से आगे बढ़ना चाहिए। लोगों की जान, मवेशी की जान और सामान को बचाना जरूरी है।जब लोग संकट संकट झेल रहे हों तब प्रचार से काम नहीं चलता है। पीड़ितों के बीच मदद सबसे बड़ा प्रचार होता है।
टीम में माले जिला कमिट सदस्य एडवोकेट मुकेश पासवान, प्रमुख राम, ब्रजकिशोर सहनी, मरछिया देवी,मुन्नी देवी,मरनी देवी,दुलारी देवी,रामसूंदर कूवंर, आनंदी देवी,बीफई मांझी,रामसरेथ पासवान, आदिम शामिल थे.