
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) उत्तरप्रदेश के हमीरपुर में अमित द्विवेदी और शैलेन्द्र मिश्रा नामी दो पत्रकारों को बांध कर पीटने का मामला सामने आया है
पत्रकारों का कहना है कि नगर पंचायत चेयरमैन पवन अनुरागी के ख़िलाफ़ सभासदों के आरोपों से जुड़ी ख़बर प्रकाशित करने की वजह से उनकी पिटाई की गई है
पत्रकारों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने कॉल कर अपने रिश्तेदार के घर बुलाया और बंदूक के दम पर बांध कर उनकी पिटाई शुरू कर दी,यहां तक कि उनके कपड़े उतार कर वीडियो बनाए और चेयरमैन के लोगों ने उन्हें पेशाब पिलाने की भी कोशिश की
पत्रकारों ने डीजीपी और मानव अधिकार आयोग को खत लिख कर इंसाफ़ की मांग किया है ,तो वहीं पुलिस ने नगर पंचायत चेयरमैन पवन अनुरागी और उनके सहयोगी अखिलेश राजपूत,विक्रम यादव,नरेंद्र विश्वकर्मा,आर.के सोनी,आकाश अनुरागी समेत 08 लोगों पर मुकद्दमा दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है,जिसमें एक आरोपी रमेश कुमार सोनी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है
दूसरी तरफ चेयरमैन के एक समर्थक आकाश अनुरागी ने भी पत्रकारों के खिलाफ एससी/एसटी के तहत मुकद्दमा करवाया है और आरोप लगाया कि पत्रकार नशे की हालत में असलहा के साथ घर में घुस गए और तोड़फोड़ किया
मामले पर समाजवादी पार्टी की मीडिया टीम ने ट्वीट कर कहा की “यूपी के हमीरपुर में पत्रकार शैलेन्द्र मिश्रा और अमित द्विवेदी को भाजपा नेताओं ने कमरे में नंगा करके पीटा और फिर पुलिस की मिलीभगत से फर्जी मुकदमा भी दर्ज करवा दिया,लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ पत्रकारों को यूपी में योगी/भाजपा सरकार में जमकर प्रताड़ित किया जा रहा है ,पिटाई हो रही ,जान से मारा जा रहा है ,मुकदमे दर्ज करवा दिए जा रहे हैं,जो सरकार और भाजपाइयों के सामने सरेंडर करेगा वो बचेगा ? जो निष्पक्ष रहेगा और जनता के मुद्दों पर आवाज उठाएगा वो मारा जाएगा ?ये कैसा जंगलराज बनाया है आपने योगी जी ?”