
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले भयंदर और मीरा रोड रेलवे स्टेशनों के बीच में पटरियों पर लोहे कि छड़ों से भरा एक बैग मिला है,बैग फेंकने के आरोप में तीन आरोपियों विकास राजभर,जयसिंह राठौर और विक्रम गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है
आरोपियों ने एक कंस्ट्रक्शन से ये छड़ चुरा कर रेलवे ट्रैक पर रखे थे,पुलिस को तोड़फोड़ की आशंका भी है जिसकी जांच की जा रही है,पुलिस के ज़रिए धारा 125,(2), 126 (2), 329 (3) और भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 152 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है
मालूम हो की पिछले कुछ महीनों में उत्तरप्रदेश के कानपुर अनवरगंज-कासगंज समेत देश भर में कई ट्रेन हादसे हुए है ,जिसमें अज्ञात लोगों के जरिए गैस सिलेंडर और लोहे के रखे अलग अलग सामान कारण बने थे
कुछ दिनों पहले 22 सितंबर को उत्तरप्रदेश के रामपुर में रेलवे ट्रैक पर लोहे का खंबा रखने के आरोप में संदीप चौहान और विजेंद्र उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया गया था,उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में भी आशीष गुप्ता नामी शख्स को रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का एक बड़ा टुकड़ा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था,02 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ से ईश्वर मोडिया और बघेल को हिरासत में लिया गया था जिन्होंने रैली ट्रैक पर लोहे के उन पत्थरों को रखने का जुर्म कबूला था जिस से की ट्रेन नंबर 12662 के साथ हादसा हुआ था,29 अक्टूबर को हरिद्वार में रामपुर,उत्तरप्रदेश के रहने वाले अशोक को पकड़ा गया था जिसने मोतीचूर के रेलवे स्टेशन के करीब रेलवे ट्रैक पर डेटोनेटर रखा था,मुहम्मद साबिर नामी एक शख्स को मध्यप्रदेश के खंडवा-बुरहानपुर के रेलवे ट्रैक पर डेटोनेटर रखने के आरोप में जबकि उत्तरप्रदेश से एक अफसान नामी लड़के को भी ट्रैक पर एक पहिया रखने के आरोप में दबोचा गया था,24 सितंबर को गुजरात के सूरत में रेल पटरी से छेड़छाड़ के आरोप में रेलवे के तीन कर्मचारियों सुभाष पोद्दार,मनीष मिस्त्री और शुभम जैसवाल की गिरफ्तारी हुई थी, प्रयागराज-रामबाग-बलिया रेलवे लाइन के रास्ते में ट्रैक पर गिट्टी डालने और रेल इंजन पर पथराव करने वाले आकाश,सोनू कुमार और दानिश अंसारी को गाजीपुर पुलिस ने 13 सितंबर को घात लगा कर पकड़ा था,इसी तरह फरुखादबाद में रेलवे पटरी पर लकड़ी का बोटा रखने के आरोपी देव सिंह और मोहन उर्फ सोंटी भी पुलिस द्वारा पकड़े गए थे,झांसी में रेलवे ट्रैक पर बड़ा पत्थर रखने के आरोप में अंशु यादव को हिरासत में लिया गया था जबकि ट्रेन उस पत्थर से टकराते-टकराते बची थी
मालूम हो की ट्रेनों के साथ हो रहे इन हादसों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने अंतराष्ट्रीय जिहाद व गजवए हिंद से जोड़ा था और लगातार कई चैनलों पर इस को लेकर बहस भी कराई गई थी