
दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) उत्तरप्रदेश के फतेहपुर ज़िले के बेहलोपुर अलाई गांव में एक दलित व्यक्ति को कथित तौर पर उच्च जाति के लोगों ने अपमानित करते हुए पीटा और उसका सर मुंढ़ कर गांव भर में घुमाया है
47 वर्षीय शिवबदन का कहना है कि “उसने और उसके परिवार के लोगों ने दो साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था,इसी कारण वो उच्च जाति के लोग सबक सिखाना चाहते हैं”
शिवबदन एंटी कन्वर्जन एक्ट के तहत जेल में भी रहे है और अभी वो ज़मानत पर बाहर है
पुलिस ने शिकायत पर दोनों तरफ़ के एफआईआर दर्ज किया हैं!रोहित दीक्षित,लवलेश सिंह और सोमकरण के खिलाफ़ शिवबदन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया,जबकि शिवबदन के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुआ है जिसमें चंद लोगों ने आरोप लगाया कि शिवबदन ईसाई धर्म में लोगों के कन्वर्जन के लिए प्रचार प्रसार कर रहे थे
The Indian Express से बातचीत में शिवबदन ने घटना का विवरण दिया,उन्होंने कहा “26 दिसंबर को जब मैं रेलवे स्टेशन जाने के लिए गांव के चौराहे पर टैक्सी का इंतजार कर रहा था, तो मैंने देखा कि आरोपी, जो बजरंग दल के सदस्य हैं, मेरे खिलाफ टिप्पणियां कर रहे थे और दूसरों को मुझे सबक सिखाने के लिए उकसा रहे थे। अगले दिन जब मैं घर लौट रहा था, तो रोहित दीक्षित, लवलेश सिंह और सोमकरण के अगुवाई में कुछ लोग मेरे घर आए और मुझ पर हमला किया। उन्होंने मुझे, मेरी पत्नी और बच्चों को पीटा और फिर मुझे पास के मंदिर में ले गए, जहां उनका सिर मुंडवाया गया और फिर से पीटा गया”
शिवबदन ने कहा, “उन्होंने मुझे गांव में घुमाया और मुझे दूसरे मंदिर में ले गए, जहां मुझे हनुमान चालीसा पढ़ने को मजबूर किया,फिर से मुझ पर हमला किया गया”