पटना पहुंचें राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव के जातिगत जनगणना को बता दिया फर्जी,आरक्षण से लेकर मोहन भागवत तक पर बोले

पटना (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) देश भर में कांग्रेस की तरफ़ से चल रहे संविधान सुरक्षा अभियान के तहत पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित किया,सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल ने कई मुद्दों पर सख्त प्रतिक्रिया दिया

राहुल गांधी ने जगजीत जनगणना पर बोलते हुए बिहार के उसी जातिगत जनगणना को फर्जी कह दिया जिसका क्रेडिट दिन-रात तेजस्वी यादव लेते रहते हैं,तेजस्वी यादव ने कहा कि “वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जातिगत जनगणना होनी चाहिए,यह बिहार में की गई फर्जी जातिगत जनगणना जैसी नहीं होगी,जातिगत जनगणना के आधार पर नीति बनाई जानी चाहिए,कांग्रेस जातिगत जनगणना को लोकसभा और राज्यसभा में पारित करेगी, हम 50% आरक्षण की बाधा को ध्वस्त कर देंगे”

मालूम हो कि राहुल गांधी उसी जातिगत जनगणना का जिक्र कर रहे थे जो कि जेडीयू,राजद,कांग्रेस,लेफ्ट और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की गठबंधन सरकार ने कराया था और उसी के आधार पर 65% तक आरक्षण को बढ़ा दिया गया था,आज जब जेडीयू बीजेपी के साथ जा चुकी है तो उस जनगणना का क्रेडिट बार-बार तेजस्वी यादव लेते नज़र आते हैं और राजद उसे तेजस्वी यादव का जनगणना का कहती है

सम्मेलन में राहुल ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि “आज के भारत में विधायकों और सांसदों के पास कोई ताकत नहीं है!जब मैं पिछड़े समुदाय,दलितों,आदिवासियों से ताल्लुक रखने वाले भाजपा सांसदों से मिलता हूं तो वे कहते हैं कि हमें पिंजरे में डाल दिया गया है”

आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत को निशाना बनाते हुए कहा कि “आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली थी,अगर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली, तो वह भारत के संविधान को खारिज कर रहे हैं, वह (केंद्र सरकार) भारत की हर संस्था से डॉ. बीआर अंबेडकर, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी की विचारधारा को मिटा रहे हैं”

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर