एजाज अहमद ने सोनबरसा गांव में आयोजित बैठक में वक्फ संशोधन बिल और उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने की अपील की

वक्फ संशोधन बिल और उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के खिलाफ सोनबरसा गांव के लोगों का बड़ा एलान, 9 मार्च को गांधी मैदान में हजारों लोग जुटेंगे

मुजफ्फरपुर (प्रेस रिलीज़/इंसाफ़ टाइम्स)

इंकलाबी नौजवान सभा मुजफ्फरपुर के उपाध्यक्ष एवं इंसाफ मंच मुजफ्फरपुर के कोषाध्यक्ष, एजाज अहमद के नेतृत्व में शुक्रवार को कुढनी प्रखंड के सोनबरसा पंचायत के सोनबरसा गांव में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वक्फ संशोधन बिल और उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया गया।

एजाज अहमद ने वक्फ संशोधन बिल को तुरंत वापस लेने और उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के विरोध में निर्णायक प्रतिरोध की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों कदमों से समाज में असमानता और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता।

एजाज अहमद ने जनता से अपील की है कि लोकतंत्र व संविधान पर बढ़ते हमले के खिलाफ भाकपा-माले के बैनर तले जारी संघर्ष को मज़बूत बनाने के लिए 9 मार्च 2025 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित “बदलो बिहार महाजुटान” में बड़ी संख्या में शामिल हों।

एजाज अहमद ने कहा कि इन दोनों बिलों से अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर मुसलमानों, के अधिकारों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, और इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस महाजुटान में हजारों-हजारों की संख्या में लोग एकजुट होंगे, ताकि सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि देश और राज्य की जनता उनके अधिकारों को किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने देगी। “यह आंदोलन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि न्याय और समानता के लिए लड़ाई का प्रतीक बनेगा। हम सब मिलकर इस लड़ाई को निर्णायक बनाएंगे,” एजाज अहमद ने यह भी बताया कि यह महाजुटान न केवल वक्फ संशोधन बिल और यूसीसी के खिलाफ है, बल्कि यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और असमानता के खिलाफ भी एक व्यापक संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण संघर्ष में भाग लें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।

बैठक में मोहम्मद मुशताक, तमन्ने, मोहम्मद इस्माइल, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद अनजार, मोहम्मद फिरोज, हाफिज मोहम्मद जफर, शम्भुराम, मोहम्मद मोहसिन समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे। सभी ने 9 मार्च को गंधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली में भाग लेने और इस आंदोलन को और ताकतवर बनाने के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया।

इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 9 मार्च को गंधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल किया जाएगा और वक्फ संशोधन बिल व यूसीसी के खिलाफ निर्णायक संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर