बिहार में नौकरी की बहार:1064 उर्दू अनुवादक, 2857 प्रधानाध्यापक और 140 संरक्षण पदाधिकारी की बहाली को मंजूरी

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहार सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में तीन प्रमुख भर्तियों को मंजूरी दी गई। इसके तहत 1064 सहायक उर्दू अनुवादक, 2857 प्रधानाध्यापक और 140 संरक्षण पदाधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के इस फैसले से जहां उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलेगी, वहीं शिक्षा और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी सुधार होगा।

*1064 सहायक उर्दू अनुवादक पदों की होगी बहाली

राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अंतर्गत उर्दू निदेशालय के तहत 1064 सहायक उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति को स्वीकृति दे दी है। यह नियुक्ति बिहार राज्य उर्दू अनुवादक संवर्ग नियमावली के तहत होगी। इन पदों का वितरण कुछ इस प्रकार होगा:
-38 पद – जिला उर्दू भाषा कोषांग (समाहरणालय)
-101 पद – अनुमंडल कार्यालय
-534 पद– प्रखंड कार्यालय
-391 पद – अंचल कार्यालय

सरकार के इस फैसले से उर्दू भाषा को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासन में उर्दू भाषियों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।

*2857 प्रधानाध्यापक पदों पर जल्द होगी बहाली

बिहार के हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 2857 पदों की बहाली को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से राज्य के शिक्षा विभाग में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। पहले स्वीकृत 1318 पदों को मरणशील घोषित कर दिया गया है, जबकि पहले से सृजित 1539 पदों को मिलाकर नए सिरे से बहाली होगी।

*महिलाओं की सुरक्षा के लिए 140 संरक्षण पदाधिकारी नियुक्त होंगे

घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए 140 पूर्णकालिक संरक्षण पदाधिकारी (पीओ) नियुक्त किए जाएंगे। यह नियुक्ति अनुमंडल, जिला और राज्य स्तर पर की जाएगी ताकि पीड़ित महिलाओं को तुरंत और प्रभावी न्याय मिल सके। इन पदों की बहाली बिहार संरक्षण सेवा भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली 2025 के तहत की जाएगी।

*कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
-विधानसभा चुनाव में 50% मतदान केंद्रों (38948 केंद्रों) पर वेबकास्टिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
-इस व्यवस्था के लिए 35.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
-राज्य भर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 58.62 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे।
-दंत चिकित्सकों की नियुक्ति और प्रोन्नति को भी मंजूरी दी गई है।

बिहार सरकार के इन फैसलों से शिक्षा, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार को बढ़ावा मिलेगा। इच्छुक उम्मीदवारों को जल्द ही इन भर्तियों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर