फलस्तीन: “अबू फलाह पर इज़रायली बसने वालों का खूनी हमला: सुरक्षा बलों की मौजूदगी में 3 फ़िलिस्तीनी मारे गए, कई घायल, गांव में दहशत और रोष का माहौल”

इज़रायल के कब्ज़े वाले पश्चिमी तट के फ़िलिस्तीनी गांव अबू फलाह में रविवार देर रात सशस्त्र इज़रायली बसने वालों (सेटलर्स) ने हमला कर तीन फ़िलिस्तीनी नागरिकों की मौत कर दी और कई अन्य को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने यह हमला इज़रायली सुरक्षा बलों की मौजूदगी और संरक्षण में किया।

घायलों और मृतकों की पहचान

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मृतक हैं:

थाएर फ़ारूक हमायेल (24) – सिर में गोली लगने से मौत।

फ़राअ जवदत हमायेल (57) – सिर में गोली लगने से मौत।

मोहम्मद हसन मुर्रा (55) – आंसू गैस के प्रभाव से दम घुटने के कारण मौत।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि दर्जनों सशस्त्र बसने वाले गांव के उत्तरी भाग से आए और जब फ़िलिस्तीनी सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को सीधे गोलियाँ लगीं और अन्य को आंसू गैस का प्रभाव महसूस हुआ।

पश्चिमी तट में बढ़ता तनाव

यह हमला ऐसे समय हुआ जब क्षेत्र में हिंसा और तनाव चरम पर है। पिछले सप्ताह भी पश्चिमी तट में बसने वालों के हमलों में कम से कम छह फ़िलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है।

फ़िलिस्तीनी अधिकारियों ने इसे “आयोजित आतंकवादी अपराध” करार दिया और आरोप लगाया कि बसने वालों के समूह के पास इज़रायली सेना का संरक्षण था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इज़रायली सेना की प्रतिक्रिया

इज़रायली सेना ने कहा कि सुरक्षा बलों को घटनास्थल की जानकारी मिली थी और मामला जांच के दायरे में है। उन्होंने अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, पहले हुए हमलों में अक्सर जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

गांव में रोष और दुख

हमले में मारे गए तीनों फ़िलिस्तीनियों का अंतिम संस्कार बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ। स्थानीय निवासी रोते हुए कहते हैं कि लगातार हो रहे हमले उन्हें असुरक्षित महसूस कराते हैं और उनके खेतों, घरों और आजीविका पर संकट बढ़ा रहे हैं। बुज़ुर्गों ने कहा कि यह लगातार हिंसा उन्हें अपने घर और जमीन छोड़ने पर मजबूर कर रही है।

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