मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी आज़ाद समाज पार्टी: वक़्फ़ कानून और बोधगया मंदिर एक्ट के खिलाफ़ 21 अप्रैल को पटना में बड़ा प्रदर्शन

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 और बोधगया महाबोधि मंदिर प्रबंधन अधिनियम (बी.टी एक्ट) के खिलाफ़ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अब बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। आज़ाद समाज पार्टी ने 21 अप्रैल 2025, सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।

इस विरोध प्रदर्शन के लिए आज़ाद समाज पार्टी के नेतृत्व में बिहार भर से कार्यकर्ता गांधी मैदान पटना में जुटेंगे और वहां से रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। पार्टी के साथ-साथ भीम आर्मी और उससे जुड़े सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी इस आंदोलन में रहने वाली है। आयोजकों का दावा है कि हज़ारों की संख्या में दलित, मुस्लिम, आदिवासी और बहुजन समाज के लोग इस विरोध रैली में भाग लेंगे।

क्यों बढ़ रहा है विरोध?

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर मुस्लिम समाज और विपक्षी दलों का कहना है कि यह कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ है और वक़्फ़ संपत्तियों को खत्म करने की साज़िश है। इसी वजह से पूरे देश में इस कानून के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर आंदोलन हो रहा है।

दूसरी ओर, बोधगया के महाबोधि मंदिर को लेकर भी विवाद बढ़ता जा रहा है। बौद्ध समाज का आरोप है कि बी.टी एक्ट के तहत मंदिर प्रबंधन समिति में हिंदू समाज का अनुचित वर्चस्व है। वर्तमान व्यवस्था में 10 सदस्यों में 5 बौद्ध और 5 हिंदू होते हैं, जिनमें से एक जिला पदाधिकारी (डीएम) भी होते हैं जो प्रायः हिंदू समुदाय से होते हैं। बौद्ध, दलित और बहुजन संगठनों का कहना है कि यह व्यवस्था बौद्ध धर्मस्थल पर हिंदू समाज का हस्तक्षेप है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

चंद्रशेखर आज़ाद ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

इस बीच, आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने वक़्फ़ संशोधन अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह कानून अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

आंदोलन तेज होने के आसार

पटना में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। यदि यह प्रदर्शन व्यापक रूप लेता है, तो वक़्फ़ कानून और बोधगया मंदिर एक्ट को लेकर बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो सकती है।

àनज़रें 21 अप्रैल पर टिकीं

अब सबकी निगाहें 21 अप्रैल को पटना में होने वाले इस बड़े आंदोलन पर हैं, जिसमें आज़ाद समाज पार्टी एक निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर चुकी है।

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