बिहार मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा: गृह मंत्रालय बीजेपी के पास, बड़े बजट वाले प्रमुख विभाग JDU के पास—58,000 करोड़ रुपये का फ़र्क

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विभागों का बंटवारा औपचारिक रूप से कर दिया गया है। पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्रालय अपने पास नहीं रखा और इसे भारतीय जनता पार्टी के खाते में दिया गया है। हालांकि गृह विभाग बीजेपी के पास जाने के बावजूद बड़े बजट वाले प्रमुख विभाग जेडीयू के हिस्से में रहे हैं।

मंत्रिमंडल में इस समय 27 मंत्री शामिल हैं। इनमें 14 मंत्री भारतीय जनता पार्टी के, 9 जनता दल यूनाइटेड के तथा अन्य सहयोगी दलों के 4 मंत्री हैं। संख्या के लिहाज से बीजेपी आगे है, पर विभागों के बजट के आधार पर जेडीयू को वरीयता प्राप्त हुई है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जेडीयू कोटे के 18 प्रमुख विभागों का कुल बजट लगभग 1,37,751 करोड़ रुपये है, जबकि बीजेपी कोटे के 18 विभागों के लिए 79,407 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस प्रकार जेडीयू के विभागों को बीजेपी के मुकाबले लगभग 58 हजार करोड़ रुपये अधिक आवंटन मिला है।

जेडीयू के पास शिक्षा, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, ग्रामीण कार्य, समाज कल्याण, जल संसाधन, भवन निर्माण, वित्त, योजना एवं विकास, खाद्य एवं उपभोक्ता, सामान्य प्रशासन, सूचना एवं जनसंपर्क, परिवहन, अल्पसंख्यक कल्याण, साइंस एवं टेक्नोलॉजी तथा वाणिज्य कर जैसे विभाग हैं। इनमें से शिक्षा विभाग का आवंटन सर्वाधिक बताया गया है।

दूसरी ओर बीजेपी के पास गृह, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण, कृषि, आपदा प्रबंधन, एससी-एसटी कल्याण, पिछड़ा-अति पिछड़ा कल्याण, कानून, पर्यटन, सहकारिता, श्रम संसाधन, पर्यावरण एवं वन, पशु एवं मत्स्य, खेल, उद्योग, खान एवं भूतत्व तथा सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभाग हैं। इनमें स्वास्थ्य और गृह विभाग अपेक्षाकृत बड़े बजट वाले माने जा रहे हैं।

आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बड़े आकार वाले विभागों पर नियंत्रण बनाए रखते आए हैं। उनके अनुसार इस बार गृह विभाग बीजेपी को मिलने के बावजूद बजट आधारित प्रभावशीलता के मामले में जेडीयू अभी भी मजबूत स्थिति में है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को 243 में से 202 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें बीजेपी के 89, जेडीयू के 85, एलजेपी (रामविलास) के 19, हम के 5 और आरएलएम के 4 विधायक हैं। गठबंधन के भीतर सीटों और विभागों की संख्या में बढ़त बीजेपी के पास है, जबकि बजट के अनुपात के आधार पर सरकार में प्रमुख नियंत्रण जेडीयू के हिस्से में दिखाई दे रहा है।

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