उद्योग और रोजगार पर नीतीश सरकार का बड़ा दांव — पहली कैबिनेट बैठक में 10 प्रस्ताव पारित, विधानमंडल सत्र 1 से 5 दिसंबर

नई एनडीए सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्य सचिवालय में पहली कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि आगामी कार्यकाल में उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन उसकी शीर्ष प्राथमिकता होगी।

बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक ढांचा खड़ा किया जाएगा। नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने और पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नीति संशोधन को भी मंजूरी मिली, जिससे युवा उद्यमियों को फंडिंग, प्रशिक्षण और बाजार तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जा सकेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2020–25 के बीच 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार मिला है, और 2025–30 के बीच 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है और राज्य को “ग्लोबल बैक–एंड हब” तथा “ग्लोबल वर्कप्लेस” के रूप में विकसित किया जाएगा।

चीनी उद्योग के पुनर्जीवन को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों को पुनः चालू करने की नीति को मंजूरी दी गई। शहरी विकास और तकनीकी प्रशासन की दिशा में बिहार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस मिशन स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमिटी बनाई गई है। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे और कमिटी छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

कैबिनेट ने 1 से 5 दिसंबर तक बिहार विधानमंडल का सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर राज्यपाल को भेज दिया है। इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ–ग्रहण, विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और सरकार का विश्वास मत होगा।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करने का निर्णय

नए औद्योगिक क्लस्टर और पुराने क्षेत्रों के पुनर्जीवन की योजना

डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क की दिशा में अग्रसर

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक और फिनटेक सिटी विकसित करने का प्रस्ताव

स्टार्टअप नीति में संशोधन और युवा उद्यमियों को सहायता

नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों को पुनः चालू करने की योजना

बिहार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना

उद्योग और रोजगार विकास के लिए उच्चस्तरीय कमिटी गठन

2025–30 तक 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य दोहराया

1 से 5 दिसंबर तक विधानमंडल सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी

पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों ने स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश सरकार विकास के नए मॉडल को लागू करते हुए रोजगार और निवेश को चुनावी वादे के मुख्य केंद्र में बनाए रखेगी। अब निगाहें इन योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन की रफ्तार पर होंगी।

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