बिहार में नशे के खिलाफ बड़ा कदम: ‘मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो’ का गठन

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहार सरकार ने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गृह विभाग ने ‘मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो’ (MNSCB) के गठन को स्वीकृति दे दी है, जिसका उद्देश्य सूखा नशा, नशीले इंजेक्शन, टेबलेट, पाउडर और शराब की तस्करी पर सख्त रोक लगाना है।

इस विशेष इकाई के गठन के साथ ही 100 नए पदों का सृजन किया गया है। एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि इस इकाई का नेतृत्व एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे, जो जिलों में मादक पदार्थों से संबंधित मामलों की स्वतंत्र जांच करेंगे। इसके अलावा, दो एसपी, 18 डीएसपी, 48 इंस्पेक्टर, 50 दारोगा और अन्य कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।

इस इकाई के तहत एक राज्यस्तरीय मद्यनिषेध एवं नारकोटिक्स थाना भी स्थापित किया जाएगा, जो पूरे राज्य में मादक पदार्थों और शराब से संबंधित मामलों की जांच करेगा। यह थाना एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की तर्ज पर कार्य करेगा और इसकी स्वायत्तता सुनिश्चित की जाएगी

एसटीएफ की ओर से अप्रैल से अगस्त 2025 तक की गई कार्रवाई में 765.42 किलोग्राम स्मैक, 8.50 किलो अफीम, 3.154 किलो हेरोइन, 375 किलो डोडा, 3.5 किलो गांजा, 12.93 लाख रुपये नकद, 37 मोबाइल और 9 वाहन जब्त किए गए हैं। इस दौरान 51 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सूखा नशा और नशीले पदार्थों का उपयोग युवाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। राज्य सरकार ने कई बार छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की, लेकिन नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाया। अब इस नई इकाई के गठन से उम्मीद जताई जा रही है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि जब तक सूखा नशा पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगेगी, तब तक समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का सपना अधूरा रहेगा। यही वजह है कि सरकार ने अब इस मुद्दे को लेकर विशेष इकाई खड़ी की है।

‘मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो’ का गठन बिहार में मादक पदार्थों और शराब तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य में नशामुक्त समाज की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर