बिहार:प्रशांत किशोर की जनसुराज और ओवैसी की मजलिस के बाद एसडीपीआई ने भी बढ़ाई इंडिया गठबंधन की मुश्किलें

दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क)।2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजद नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की मुश्किलें बढ़ती जा रही है,अब ख़बर सामने आई है कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने बिहार में 50 सीटों को चिन्हित कर उस पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है और 200 विधानसभा सीटों पर संगठन भी बनाने का फैसला किया है

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (एसडीपीआई) केरल से शुरू हुई पार्टी है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के फैजी है और ये पार्टी।मुसलमानों,दलितों,आदिवासियों,सिखों और ईसाइयों के बेच अपनी पैठ बना रही है

पार्टी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी,चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी,प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी समेत कई पार्टियों को साथ लेकर प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक एलायंस (पीडीए) बनाया था,जिसे कोई सीट नहीं मिली थी,मगर महा गठबंधन के बहुत कम सीटों के हार के पीछे थर्ड फ्रंट बन कर आए दोनों गठबंधनों (एसडीपीआई,पप्पू यादव वाले गठबंधन और उपेंद्र कुशवाहा व ओवैसी वाले गठबंधन ) के वोट काटने की अहम भूमिका भी मानी गई थी

अब फिर से एसडीपीआई ने इंडिया गठबंधन की परेशानी बढ़ा दी है,जबकि पहले ही प्रशांत किशोर की जनसुराज ने पूरे बिहार के 243 सीटों पर लड़ने का ऐलान कर रखा है और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी 50-60 सीटों से ज़्यादा पर लड़ने का इशारा दिया हुआ है

प्रशांत किशोर की जनसुराज,ओवैसी की मजलिस और एसडीपीआई तीनों की नज़र बिहार में मुस्लिम और दलित वोट पर ही टिकी है ,जिस से की बड़ा नुकसान राजद नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को और कुछ नुकसान जदयू व भाजपा को भी होगा

जानकारों की माने तो बिहार की बदलती राजनीति के बीच ये तीनों पार्टियां कुछ कुछ सीटें हासिल करने में सफल भी हो सकती हैं

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