
पटना (सैफुर रहमान/इंसाफ़ टाइम्स) अयोध्या में राम लला का दर्शन करने पहुंचे कांग्रेस के सीनियर नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने मीडिया से बात करते हुए ज्ञानवापी मामले पर ख़ुशी का इजहार करते हुए वहां शिवलिंग मिलने पर कहा कि प्रत्यक्ष को प्रमाण कि ज़रूरत नहीं होती है- उन्हों ने इसे आस्था और भारत कि जनभावना का मामला बताया और ये सवाल भी किया के इतने दिनों से शिवलिंग को किसने छिपा कर रखा और किऊं छिपाकर कर रखा? आगे आचार्य ने कहा कि कोर्ट जो फ़ैसला करेगी उसे सब को मानना होगा साथ ही उन्होने ने ताज महल और क़ुतुब मीनार पर बयान दिया कि ये किसी धर्म का नहीं बल्कि भारत सरकार के अधीन है लिहाज़ा इसे भारत सरकार हिन्दुओं के हवाले कर दे और ये कहा कि ये भारत सरकार के अधीन है लेकिन हम राष्ट्र के साथ है