दरभंगा के दानी में गूंजा पैग़ाम-ए-सीरत, 600 विद्यार्थियों ने इस्लामी क्विज़ में दिखाया हुनर

दानी, दरभंगा। नई पीढ़ी को धार्मिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों और पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ की सीरत से जोड़ने के उद्देश्य से सेवा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट, दानी (दरभंगा) के तत्वावधान में इस्लामी क्विज़ प्रतियोगिता 2026 (सीज़न-3) और जलसा-ए-पैग़ाम-ए-सीरत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कार्यक्रम के आयोजन में सामाजिक एवं मिल्ली कार्यकर्ता मुफ्ती मुहम्मद अब्दुल्लाह नदवी एडवोकेट और उनकी टीम की प्रमुख भूमिका रही। आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में धार्मिक एवं नैतिक ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने के साथ उन्हें सीरत-ए-तैयबा और इस्लामी शिक्षाओं से परिचित कराना था।

*सात केंद्रों पर हुई प्रतियोगिता

2 सितंबर 2026 को दरभंगा और आसपास के सात अलग-अलग केंद्रों पर इस्लामी क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, मदरसों और मकतबों के करीब 600 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता को आयु के आधार पर अलिफ, बा और जीम तीन समूहों में बांटा गया था। विद्यार्थियों को क्रमशः 100, 200 और 300 प्रश्नों का पाठ्यक्रम दिया गया, जिसमें अक़ीदा, इबादत, मुआमलात, सामाजिक जीवन, नैतिकता व शिष्टाचार, सीरत-ए-तैयबा और इस्लामी इतिहास जैसे विषय शामिल थे।

*विभिन्न समूहों में विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान

समूह जीम में जामिया उम्मुल हुदा, परसुनी की शिफा परवीन ने प्रथम स्थान हासिल किया। +2 हाई स्कूल, पिंडारच की नगमा खातून दूसरे और मअहद उम्मुल मोमिनीन मैमूना, इसराहा की अदीबा तीसरे स्थान पर रहीं। आबिदा ने चौथा स्थान हासिल किया, जबकि सकीना, रुकैया और मुंतसिर समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे।

समूह बा में अपग्रेडेड हाई स्कूल, कदमटोल के मुंजर हयात ने प्रथम और अपग्रेडेड मिडिल स्कूल, सरधवारा की सिफत जबीं ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। मअहद उम्मुल मोमिनीन मैमूना, इसराहा की यशफीन खातून और मकतब तहफीजुल कुरआन, दानी की सुबिया परवीन ने समान अंक हासिल कर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। यासमीन, समिया, अल्तमश, आसिफ और मुशर्रफ चौथे, जबकि आसिया, शफीका और सालिक खान संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे।

सबसे छोटे आयु वर्ग अलिफ में 120 बच्चों में से 23 विद्यार्थियों ने 50 में से 50 अंक हासिल कर पहला पुरस्कार प्राप्त किया। इनमें शाज़िया परवीन, मरियम ग़ज़ाला, ख़दीजा परवीन, सोफिया, आरिफा खातून, वसतुर्रहमान, सालिहा रहमान, सुबिया ज़फर, रीफा फातिमा, फ़ाइज़ा अख्तर, शिफा परवीन, आयशा परवीन, ज़िक्रा परवीन, मुहम्मद आक़िब, अहमद इक़बाल, मुहम्मद तुफैल, सिफतुल्लाह, मुहम्मद इमरान, मुहम्मद दिलशाद, मुहम्मद अनीस आलम, मुहम्मद फ़हीम आलम, मुहम्मद रहमतुल्लाह और तब्दीला खातून शामिल हैं।

आइज़ा परवीन ने दूसरा और अदनान सिद्दीकी ने तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि माह अम्मारा और फ़लक क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहे। इनके अलावा कई विद्यार्थियों को प्रोत्साहन एवं विशेष पुरस्कार भी दिए गए।

*मेहनत करने वाली टीम की सराहना

प्रतियोगिता में सफल विद्यार्थियों के सम्मान में 10 सितंबर को पैट्रियट पब्लिक स्कूल, दानी के परिसर में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता गुजरात से आए मुख्य अतिथि मुफ्ती फारूक़ क़ासमी, शैखुल हदीस, जामिया दारुल एहसान, बारडोली ने की।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने मुफ्ती मुहम्मद अब्दुल्लाह नदवी एडवोकेट और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्लामी क्विज़ से जुड़े कई कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन इस तरह का अलग, रचनात्मक और जानकारीपरक कार्यक्रम पहले देखने को नहीं मिला।

समारोह का संचालन मुफ्ती मुहम्मद अब्दुल्लाह नदवी एडवोकेट और मौलाना ज़फ़र अहमद कैफ़ी ने संयुक्त रूप से किया।

सीरत-ए-तैयबा और नैतिक शिक्षा पर जोर

इसी दिन मगरिब की नमाज़ के बाद जलसा-ए-पैग़ाम-ए-सीरत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और दारुल उलूम बालासाथ के मुहतमिम मौलाना क़ारी हिफ़्ज़ुर्रहमान ने की।

जलसे को मुफ्ती आफ़ताब आलम ग़ाज़ी, मुफ्ती इफ्तिखार आलम क़ासमी, मौलाना कमालुद्दीन क़ासमी और मौलाना ज़फ़र आलम कैफ़ी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बच्चों की धार्मिक और नैतिक परवरिश पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि नई पीढ़ी की सही तरबीयत समाज में सकारात्मक बदलाव की बुनियाद बन सकती है।

कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती आरिफ़ क़ासमी और मुफ्ती अब्दुल्लाह नदवी एडवोकेट ने किया। अंत में अध्यक्षीय दुआ के साथ इस आयोजन का समापन हुआ।

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