दिल्ली में 10 छात्र-कार्यकर्ता “लापता”, CASR ने इलाक्किया और शिव कुमार समेत कई लोगों को एजेंसियों द्वारा उठाए जाने का किया दावा, सरकार से तत्काल जानकारी देने की मांग

राजधानी दिल्ली में छात्र-कार्यकर्ताओं और श्रम अधिकार कार्यकर्ताओं के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। Campaign Against State Repression (CASR) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस या किसी राज्य एजेंसी द्वारा कम से कम 10 छात्र-कार्यकर्ताओं को उठाया गया है और अब तक उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है। संगठन ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों और असहमति की आवाज़ पर गंभीर हमला बताया है।

CASR के मुताबिक, 12 मार्च 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा इलाक्किया, जो मनोविज्ञान में मास्टर्स कर रही हैं और छात्र संगठन BSCEM से जुड़ी हैं, तथा श्रम अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार, जो मजदूर अधिकार संगठन से जुड़े हैं, द्यालय सिंह कॉलेज परिसर में एक शिक्षक से मिलने पहुंचे थे। यह बैठक कथित तौर पर Anti-Imperialism Week के कार्यक्रमों पर चर्चा के लिए तय की गई थी।

संगठन का कहना है कि दोनों दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज पहुंचे। शिक्षक के देर से आने के कारण उन्होंने कैंटीन में भोजन किया। इसके बाद जब वे करीब 1 बजे कॉलेज परिसर से बाहर निकले, तो JLN मेट्रो स्टेशन के पास दयाल सिंह कॉलेज गेट के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें जबरन एक वाहन में बैठा लिया।

स्थानीय दुकानदारों के हवाले से CASR ने कहा कि सादे कपड़ों में मौजूद एक महिला एजेंट ने इलाक्किया को एक खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी में जबरन बैठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी में वीआईपी लाइट लगी थी और उसमें 3-4 लोग मौजूद थे। बताया जाता है कि शिव कुमार को इससे पहले ही उसी वाहन में बैठा लिया गया था। घटना इतनी तेज़ी से हुई कि इलाक्किया की आवाज़ भी ठीक से नहीं सुनी जा सकी।

CASR का दावा है कि इलाक्किया ने करीब 1 बजे उस शिक्षक को संदेश भेजकर पूछा था कि वे कब तक पहुंचेंगे। लेकिन जब शिक्षक ने 1:30 बजे फोन किया, तो उनका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद से इलाक्किया और शिव कुमार ने अपने परिवार, दोस्तों या साथियों से कोई संपर्क नहीं किया है।

संगठन ने यह भी बताया कि मजदूर अधिकार संगठन से जुड़े एक अन्य कार्यकर्ता मंजीत भी लापता हैं। उन्हें आखिरी बार उस कार्यक्रम से घर लौटते हुए देखा गया था, जो कैद में बंद वकील सुरेंद्र गाडलिंग की रिहाई की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

CASR के अनुसार, 13 मार्च की रात करीब 8 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस के विजय नगर स्थित BSCEM के दफ्तर से भी कई छात्रों और कार्यकर्ताओं को उठाए जाने की खबर है। इनमें अक्षय, दृष्टि, रुद्र, किरण और गौरव (BSCEM) तथा बादल और एहतेमाम (Forum Against Corporatisation and Militarisation) से जुड़े बताए गए हैं।

संगठन ने यह भी याद दिलाया कि श्रम अधिकार कार्यकर्ता शिव कुमार को इससे पहले सिंघु बॉर्डर किसान आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जहां उनके साथ कथित तौर पर हिरासत में यातना दी गई थी। इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में उनका मामला अभी लंबित है। अदालत ने अपनी टिप्पणियों में कहा था कि उन्हें 16 जनवरी से 23 जनवरी तक अवैध हिरासत में रखा गया था और उस दौरान उन्हें गंभीर यातनाएं दी गईं।

CASR ने कहा कि शिव कुमार अभी तक उस यातना से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और अब उनके दोबारा गायब होने से उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

संगठन के अनुसार इलाक्किया, किरण और अक्षय को पिछले वर्ष नवंबर में दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर हुए एक प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया था और उन्हें एक महीने बाद तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था।

CASR का यह भी दावा है कि आठ महीने पहले ही एहतेमाम, बादल और गौरव को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसी तरह उठाया था और उन्हें एक सप्ताह से अधिक समय तक अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया था।

इन घटनाओं को लेकर CASR ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए खतरा है।

CASR की मुख्य मांगें

इलाक्किया, शिव कुमार और मंजीत समेत सभी लोगों के ठिकाने की तुरंत जानकारी दी जाए।

उनकी सुरक्षा और शारीरिक स्थिति की गारंटी दी जाए।

उन्हें वकील से मिलने और परिवार से संपर्क की अनुमति दी जाए।

इस पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए।

CASR ने छात्रों, शिक्षकों, ट्रेड यूनियनों और नागरिक समाज संगठनों से अपील की है कि वे इन कथित घटनाओं के खिलाफ आवाज़ उठाएं और सरकार से जवाबदेही की मांग करें।

फिलहाल सवाल बना हुआ है कि इलाक्किया, शिव कुमार, मंजीत, अक्षय, दृष्टि, रुद्र, किरण, गौरव, बादल और एहतेमाम आखिर कहां हैं?
संगठन का कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को तुरंत उनकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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