शाहजहांपुर में होली से पहले 67 मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया, पुलिस ने सुरक्षा-व्यवस्था का तर्क दिया

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में होली के अवसर पर निकलने वाले ‘लाट साहब’ जुलूस से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर 67 मस्जिदों को तिरपाल और पन्नी से ढक दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जुलूस के दौरान मस्जिदों पर रंग न गिरे और किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव न उत्पन्न हो।

‘लाट साहब’ का जुलूस शाहजहांपुर में लगभग 300 वर्षों से होली के अवसर पर निकाला जाता है। इस परंपरा में एक व्यक्ति को ‘लाट साहब’ (अंग्रेजों के समय के गवर्नर का प्रतीक) बनाकर भैंसागाड़ी पर बैठाया जाता है, और लोग उस पर रंग, जूते-चप्पल बरसाते हैं। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरता है, जिनमें कई मस्जिदें भी स्थित हैं।

पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने बताया कि होली पर कुल 18 जुलूस शहर में निकलते हैं, जिनमें से 2 प्रमुख होते हैं। इन जुलूसों की सुरक्षा के लिए बड़े लाट साहब के जुलूस को 3 जोन तथा 8 सेक्टरों में बांटा गया है, जिनमें लगभग 100 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा, दोनों जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में 10 पुलिस क्षेत्राधिकारी व 250 उपनिरीक्षक समेत लगभग 1500 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं और पीएसी की 2 कंपनियां भी जुलूस मार्ग पर तैनात रहेंगी।

नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि जुलूस मार्ग पर लगभग 350 कैमरे तथा स्टिल कैमरे लगाए गए हैं। जुलूस मार्ग पर पड़ने वाली लगभग 20 मस्जिदों को तिरपाल डालकर ढंक दिया गया है ताकि उन पर रंग ना पड़े। इसके साथ ही मस्जिदों के तथा विद्युत ट्रांसफार्मर के पास अवरोधक लगाए गए हैं।

प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2423 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की है। इसके अलावा, जुलूस के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जाएगी, और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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