पटना में रिश्वतकांड का भंडाफोड़, IRS अधिकारी आदित्य सौरभ सहित तीन आयकर कर्मी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने राजधानी पटना में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग के तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 2021 बैच के सहायक आयुक्त आदित्य सौरभ, आयकर निरीक्षक मनीष कुमार पंकज और मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) शुभम राज शामिल हैं। यह कार्रवाई मंगलवार शाम अदालतगंज इलाके में एक दरगाह के पास की गई, जहां तीनों को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

CBI को हैदराबाद निवासी लच्छू रे की ओर से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कहा गया था कि पटना स्थित आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके रिश्तेदार प्रेमजीत कुमार से जब्त की गई ₹13 लाख की राशि लौटाने के बदले ₹3 लाख की रिश्वत की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद CBI ने तत्काल स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाकर निगरानी शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को तीनों आरोपियों को अदालतगंज स्थित एक दरगाह के पास बुलाया गया था। वहां जैसे ही उन्होंने शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये स्वीकार किए, CBI की टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। एजेंसी ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। यह स्थान आयकर विभाग के कार्यालय के पास ही स्थित है।

गिरफ्तारी के बाद बुधवार को तीनों को पटना स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों को तीन दिन की CBI हिरासत में भेजने का आदेश दिया। CBI अब फोन कॉल रिकॉर्डिंग, चैट डेटा और डिजिटल साक्ष्य के आधार पर पूछताछ कर रही है।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद CBI की टीम ने पटना स्थित तीनों अधिकारियों के आवासों और कार्यालयों पर छापेमारी की, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी व्यापक भ्रष्टाचार नेटवर्क से तो जुड़ा नहीं है।

आदित्य सौरभ को विभाग में एक युवा, योग्य और ईमानदार अधिकारी माना जाता था। उनकी गिरफ्तारी से न केवल आयकर विभाग में हलचल मच गई है, बल्कि वित्त मंत्रालय तक मामले की गंभीरता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भी आंतरिक जांच के संकेत मिल रहे हैं।

CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “शिकायत के आधार पर पहले निगरानी की गई, फिर योजना बनाकर आरोपियों को अदालतगंज बुलाया गया। जैसे ही उन्होंने दो लाख रुपये लिए, टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बरामद रकम उन्हीं के कब्जे से मिली है।”

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब देखना होगा कि आगे की जांच में किन नए चेहरों का खुलासा होता है और क्या यह मामला किसी संगठित रैकेट से जुड़ा है।

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