इज़रायल और लेबनान के सशस्त्र संगठन हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष रविवार को और तेज़ हो गया। इज़रायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों समेत लेबनान के कई इलाकों में हवाई हमले किए, जबकि हिज़्बुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई में इज़रायल के उत्तरी और मध्य हिस्सों पर रॉकेट तथा ड्रोन हमले किए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहियेह में इज़रायली हमलों के बाद कई इमारतों से धुएँ के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए। यह इलाका हिज़्बुल्लाह का प्रमुख गढ़ माना जाता है। इज़रायली सेना का कहना है कि हमलों में संगठन से जुड़े वित्तीय और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इसी दौरान इज़रायल ने राजधानी के समुद्र तटीय इलाके राउचे में स्थित एक होटल के कमरे पर ड्रोन हमला किया। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए।
दूसरी ओर हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज़ कर दी है। लेबनान से दागे गए कई रॉकेट इज़रायल के उत्तरी और कुछ मध्य इलाकों में गिरे, जिसके बाद कई शहरों में चेतावनी सायरन बज उठे और लोगों को सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी।
सीमा क्षेत्र में भी दोनों पक्षों के बीच झड़पें जारी हैं। हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाके सीमा के पास इज़रायली सैनिकों के साथ संघर्ष में शामिल हैं। वहीं इज़रायली सेना ने पुष्टि की है कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उसके दो सैनिक मारे गए हैं।
इस बीच लेबनान में मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है। देश के सामाजिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक पाँच लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग सरकारी शरण स्थलों, स्कूलों और स्टेडियमों में रह रहे हैं।
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने कहा कि उनका देश एक विनाशकारी युद्ध में घसीटा गया है, जिसे उसने न तो चाहा था और न ही चुना। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर हो रहा विस्थापन और लगातार हमले देश के लिए गंभीर मानवीय और राजनीतिक संकट पैदा कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बेरूत पर बढ़ती बमबारी, सीमा पर जमीनी झड़पों और दोनों पक्षों के रॉकेट हमलों से संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
