जातिगत हमले में हाथ गंवाने वाले दलित युवक को कर्नाटक सरकार से 13.91 लाख रुपये की सहायता

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

कर्नाटक के समाज कल्याण विभाग ने 32 वर्षीय दलित युवक अनीश कुमार को कृत्रिम अंग के लिए ₹13.91 लाख की राशि स्वीकृत की है। अनीश ने पिछले वर्ष एक जातिगत हमले में अपना बायां हाथ खो दिया था।

28 मार्च 2025 को जारी आदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम, 1995 का हवाला देते हुए, पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। समाज कल्याण विभाग ने हमले की गंभीरता को देखते हुए इस राशि को “विशेष मामला” मानते हुए मंजूरी दी है।

हमले का विवरण

21 जुलाई 2024 को, अनीश कुमार अपने चाचा के साथ सड़क पर चल रहे थे, जब वोक्कालिगा समुदाय के सात लोगों ने उन पर हमला किया। हमलावरों ने पहले जातिसूचक गालियां दीं, फिर अनीश के घर में घुसकर उनके परिवार पर हमला किया और उनका बायां हाथ काट दिया।

अनीश को तुरंत बेंगलुरु के सेंट जॉन्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्यों का इलाज कनकपुरा सरकारी अस्पताल में किया गया।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 2015 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें हत्या के प्रयास, दंगा और आपराधिक धमकी के आरोप शामिल हैं। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुआवजा और सहायता

शुरुआत में समाज कल्याण विभाग ने पीड़ित को ₹12 लाख का मुआवजा स्वीकृत किया था। हालांकि, कृत्रिम अंग की लागत ₹13,91,670 निर्धारित होने के बाद, सरकार ने अतिरिक्त धनराशि मंजूर की, जो केंद्रीय क्षेत्र योजना से आवंटित की गई।

यह सहायता न केवल अनीश कुमार के पुनर्वास में मदद करेगी, बल्कि जातिगत हिंसा के शिकार अन्य लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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