कर्नाटक हाईकोर्ट ने ‘सहयोग’ पोर्टल को किया वैध, X कॉर्प की चुनौती खारिज

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के ‘सहयोग’ पोर्टल को वैध ठहराते हुए X कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को “स्वतंत्रता के नाम पर अराजकता” की स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता और सरकारी निगरानी नागरिक सुरक्षा व सार्वजनिक व्यवस्था के लिहाज से आवश्यक है।

‘सहयोग’ पोर्टल अक्टूबर 2024 में गृह मंत्रालय के तहत लॉन्च किया गया था। यह पोर्टल पुलिस अधिकारियों और सरकारी एजेंसियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अवैध सामग्री हटाने के आदेश सीधे जारी करने की सुविधा प्रदान करता है। अब तक पोर्टल ने 65 ऑनलाइन मध्यस्थों और सभी राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ काम शुरू किया है और 130 सामग्री हटाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा कि पोर्टल “जनहित में एक उपकरण” है और यह प्लेटफॉर्म्स और राज्य के बीच सहयोग को बढ़ाता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर अराजकता रोकने के लिए विनियमित करना आवश्यक है।

X कॉर्प ने फैसले के बाद कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी। कंपनी का आरोप है कि ‘सहयोग’ पोर्टल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को दरकिनार करता है और भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

कंपनी का कहना है, “हम भारतीय कानूनों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह आदेश मूलभूत संविधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दों को नजरअंदाज करता है। हमारी अपील स्वतंत्र अभिव्यक्ति की रक्षा के लिए है।”

विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला भारतीय डिजिटल नीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर