वक्फ संशोधनों के खिलाफ तूफानी आंदोलन का ऐलान: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने धरनों, रैलियों, सांकेतिक गिरफ्तारियों और भव्य सम्मेलनों की घोषणा की।

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने संसद से पारित विवादास्पद वक्फ संशोधनों को इस्लाम, शरीयत, धार्मिक व सांस्कृतिक स्वतंत्रता और भारत के संवैधानिक ढांचे पर करारा प्रहार करार देते हुए इसके खिलाफ देशव्यापी जोरदार आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जब तक ये काले संशोधन पूरी तरह से वापस नहीं लिए जाते, तब तक शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक ढंग से विरोध जारी रहेगा।

आज दिल्ली में बोर्ड की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने की। इस अहम बैठक में बोर्ड के पदाधिकारी और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि देशभर में धरने, विरोध रैलियां, प्रेस कॉन्फ्रेंसें, देशवासियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग्स और सांकेतिक गिरफ्तारियां आयोजित की जाएंगी।

बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद फज़लुर रहीम मुजद्ददी ने आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस अभियान की विधिवत शुरुआत दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली एक भव्य जनसभा से होगी। इसके बाद मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, रांची, मलेरकोटला और लखनऊ समेत देश के विभिन्न बड़े शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मौलाना मुजद्ददी ने कहा कि “वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ” के शीर्षक से एक सप्ताह का विशेष अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें देशवासियों के साथ संवाद, मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान और जनता को झूठे प्रचार से बाहर निकालने की कोशिशें की जाएंगी। हर राज्य की राजधानी में मुस्लिम नेतृत्व सांकेतिक गिरफ्तारियां देगा और ज़िला स्तर पर भी धरनों और प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। विरोध के समापन पर राष्ट्रपति और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन भी ज़िला कलेक्टरों के माध्यम से सौंपे जाएंगे।

बोर्ड ने युवाओं से अपील की कि वे सब्र और मजबूती के साथ अपने रुख पर कायम रहें, लेकिन कोई भावनात्मक या असंगठित कदम न उठाएं। बोर्ड के निर्देशानुसार ही इस आंदोलन में भाग लें, ताकि शरारती तत्वों को कोई मौका न मिल सके।

बयान के अंत में क़ुरआन की आयत (सू. अल-अनकबूत: 69) का हवाला देते हुए कहा गया कि अल्लाह तआला अपनी राह में कोशिश करने वालों को जरूर सफलता प्रदान करता है। बोर्ड ने समुदाय को भरोसा दिलाया कि वह हर संभव संवैधानिक और कानूनी रास्ता अपनाएगा और कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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