पटना‑दिल्ली सियासत: NDA मंत्रिमंडल फॉर्मूला तय करने की कवायद तेज

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन को लेकर पटना और दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अचानक दिल्ली बुलाया गया। दोनों नेता विशेष विमान से दिल्ली गए और केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह दौरा मंत्रिमंडल के बंटवारे और हिस्सेदारी पर अंतिम सहमति बनाने के लिए किया गया है।

संजय झा और ललन सिंह इस दौरे से पहले भी 14 नवंबर को दिल्ली गए थे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद पटना लौटकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विचार-विमर्श किया गया। सोमवार की रात फिर से दिल्ली बुलाए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल के गठन में हिस्सेदारी और पदों के बंटवारे को लेकर गहन चर्चा जारी है। एनडीए गठबंधन में “6 विधायक पर 1 मंत्री” के फार्मूले पर आम सहमति बनी हुई है। इस फॉर्मूले के मुताबिक लगभग 35–36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसमें बीजेपी को 15–16, जदयू को 14–15, LJP (रामविलास) को 3 और HAM तथा RLM को एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है।

डिप्टी मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा जारी है। संभावना है कि इस बार दो से तीन डिप्टी सीएम बनाए जाएँ। भाजपा और गठबंधन के अन्य घटक दल इस मामले में अंतिम निर्णय के लिए दिल्ली में बैठकों में जुटे हैं।

गृह मंत्रालय को लेकर भी भाजपा की दावेदारी पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जदयू के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसे छोड़ने की संभावना कम मानी जा रही है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कवायद जारी है।

20 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में नई एनडीए सरकार की शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इससे पहले 19 नवंबर को पुरानी विधानसभा भंग करने और विधायक दल की बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार का मंत्रिमंडल सिर्फ संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए बनाया जाएगा। डिप्टी मुख्यमंत्री और महत्वपूर्ण मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

पटना और दिल्ली दोनों तरफ लगातार चल रही बैठकों से यह स्पष्ट है कि अगले 24 से 48 घंटों में मंत्रिमंडल और पदों का अंतिम फार्मूला सामने आने की संभावना है।

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