पाटलिपुत्र जंक्शन बनेगा आधुनिक रेलवे हब, वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स और अमृत भारत योजना से बदलेगी पटना की रेल तस्वीर

पटना स्थित पाटलिपुत्र जंक्शन को भारतीय रेलवे के एक प्रमुख आधुनिक रेल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्रालय की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहां व्यापक पुनर्विकास कार्य चल रहा है, जबकि स्टेशन के समीप वंदे भारत ट्रेनों के लिए अत्याधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी तेजी से जारी है।

रेल अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद पाटलिपुत्र जंक्शन पटना जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव का एक मजबूत विकल्प बनेगा और राजधानी की रेल व्यवस्था को नई दिशा देगा।

283 करोड़ रुपये का वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स

पाटलिपुत्र जंक्शन के पास बन रहा वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। पहले इसकी अनुमानित लागत 199.36 करोड़ रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 283.16 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस परिसर में तीन स्टेबलिंग लाइन, एक पिट लाइन,एक वॉशिंग लाइन,दो वर्कशॉप लाइन, तीन इंस्पेक्शन बे लाइन, एक प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है, रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा वंदे भारत सहित आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बनेगी।

पटना जंक्शन पर दबाव कम करने की योजना

पिछले कुछ वर्षों में पटना जंक्शन पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में पाटलिपुत्र जंक्शन को वैकल्पिक टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति में स्टेशन से 33 जोड़ी मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनें, 10 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें का संचालन होता है। स्टेशन पर पांच प्लेटफॉर्म हैं और प्रतिदिन लगभग 21 हजार से अधिक यात्री आवाजाही करते हैं।

अमृत भारत योजना के तहत व्यापक विकास

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पाटलिपुत्र जंक्शन का समग्र विकास किया जा रहा है। इसमें स्टेशन भवन का पुनर्निर्माण, यात्री सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख कार्यों में आधुनिक स्टेशन भवन का विकास,बेहतर प्रवेश एवं निकास व्यवस्था,दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, विस्तारित प्लेटफॉर्म और सर्कुलेटिंग एरिया, उन्नत सूचना प्रणाली शामिल हैं।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का मजबूत केंद्र

पाटलिपुत्र जंक्शन उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह दानापुर और सोनपुर मंडल को जोड़ते हुए क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करता है। रेल अधिकारियों का कहना है कि यह स्टेशन भविष्य में पटना का एक प्रमुख रेल टर्मिनल बनकर विकसित होगा। पाटलिपुत्र जंक्शन का यह विकास कार्य बिहार की रेल संरचना में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है। वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहा यह पुनर्विकास पटना को एक आधुनिक रेलवे हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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