पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी: बिहार की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहारवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जिसकी अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना बिहार की राजधानी पटना को आरा और सासाराम से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक की यात्रा को सुगम बनाएगी।

परियोजना का खाका

यह फोरलेन हाईवे एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, जिससे वाहनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा सुनिश्चित होगी। सड़क पर चढ़ने-उतरने की सुविधाएं निश्चित स्थानों पर होंगी, जिससे यातायात सुचारु रहेगा।

सोन नदी पर नया पुल

परियोजना के तहत सोन नदी पर बिंदौल और कोशीहान के बीच एक नया पुल बनाया जाएगा, जो कोइलवर पुल से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित होगा। यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।

परियोजना की समयसीमा

सरकार की योजना है कि मार्च तक निर्माण कार्य शुरू हो जाए और ढाई साल में इसे पूरा कर लिया जाए। निर्माण एजेंसी को 15 वर्षों तक सड़क की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।

वित्तीय प्रावधान

बिहार सरकार के अनुरोध पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए 3,900 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। टेंडर प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है, जिससे निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

इस फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण से पटना, आरा और सासाराम के बीच यात्रा समय में कमी आएगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

यह परियोजना बिहार की अधोसंरचना में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी, जिससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

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