पटना में शीतलहर का कहर: 5वीं तक के सभी स्कूल 13 जनवरी तक बंद, 6वीं से ऊपर की कक्षाओं के लिए समय सीमित

राजधानी पटना में लगातार बढ़ रही भीषण ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एम.एस. ने कक्षा 5 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 13 जनवरी 2026 तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुबह के समय अत्यधिक कम तापमान और शीतलहर के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध केवल सरकारी और निजी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों और प्री-स्कूलों पर भी लागू होगा। कक्षा 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

वहीं, कक्षा 6 और उससे ऊपर की कक्षाओं को आंशिक छूट दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी। सुबह 10:30 बजे से पहले और दोपहर 3:00 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि छात्र-छात्राओं को अत्यधिक ठंड में घर से बाहर न निकलना पड़े।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश शुक्रवार, 11 जनवरी से लागू होकर 13 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आदेश में आवश्यक संशोधन किया जा सकता है।

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से पटना समेत पूरे बिहार में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। सुबह और देर रात तापमान काफी नीचे चला जा रहा है, जिससे खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर