पति बना ज़मीन विवाद का शिकार, पत्नी बनी हत्याकांड की मास्टरमाइंड: पटना स्कूल संचालक हत्याकांड का सनसनीखेज़ खुलासा

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

राजधानी पटना में हुए चर्चित स्कूल संचालक हत्याकांड का पटना पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी यह रही कि हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली। पति की ज़मीन हड़पने की नीयत से उसने 10 लाख रुपये की सुपारी देकर अपने ही पति की निर्मम हत्या करवा दी।

6 जुलाई की रात दानापुर-खगौल रोड पर अज्ञात अपराधियों ने स्कूल संचालक अजीत कुमार (45) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अजीत खगौल इलाके में एक निजी स्कूल चलाते थे। शुरू में मामला लूटपाट का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही पूरी साजिश का खाका सामने आ गया।

पुलिस के अनुसार, अजीत के नाम पर स्कूल की ज़मीन थी जिसे वह बेचना चाहते थे। लेकिन उनकी पत्नी रीता देवी, जो स्कूल की सह-संचालिका भी थीं, इस सौदे से नाराज़ थीं। वह स्कूल और ज़मीन पर पूर्ण अधिकार चाहती थीं। इसी के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची और 10 लाख रुपये की सुपारी देकर शूटरों को हत्या का जिम्मा सौंपा।

पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले अपराधियों की पहचान की। इसके बाद टीम ने राज्य से बाहर जाकर एक लाइनर को गिरफ्तार किया, जिसके बयान से इस हत्याकांड की सारी परतें खुलती चली गईं।

सिटी एसपी (वेस्ट) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि “हत्या की पूरी योजना मृतक की पत्नी द्वारा बनाई गई थी। आरोपी पत्नी ने हत्या के लिए शूटरों को संपर्क किया और पैसे का भुगतान भी किया।”

जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब तक इस मामले में रीता देवी और मंशु कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य अभियुक्तों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस का कहना है कि बाकी फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी शीघ्र ही की जाएगी और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है।

रीता ने प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या का आरोप अपने पहले पति पर मढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन अजीत के भाई की तहरीर और तकनीकी जांच ने सच्चाई उजागर कर दी। इस झूठे आरोप के बाद पुलिस को शक हुआ और गहराई से जांच की गई।

यह मामला हाल ही में सामने आए गोपाल खेमका हत्याकांड जैसा प्रतीत होता है, जिसमें भी ज़मीन विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। उस मामले में 4 लाख की सुपारी देकर हत्या कराई गई थी और पटना पुलिस ने चार दिन के भीतर मामले का खुलासा कर दिया था।

पटना में सामने आए इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संपत्ति विवाद किस हद तक लोगों को अंधा बना सकता है। रिश्तों की आड़ में ज़मीन और धन की लालसा अब खून तक पहुंच चुकी है। पुलिस अब इस मामले को कोर्ट में मज़बूती से रखने की तैयारी कर रही है।

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