प्रशांत किशोर के समर्थन में उतरी ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन और भाकपा माले!कहा “थप्पड़ प्रशांत किशोर को नहीं लोकतंत्र को मारा गया है”

पटना (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में आंदोलन करते हुए जेल जाकर रिहा हो गए,और इसी बीच बिहार की विपक्षी दलों का समर्थन भी उन्हें मिलने लगा है

ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विधायक अख्तरूल ईमान ने प्रशांत पर हुई कार्रवाई पर कहा कि “प्रशांत किशोर बीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं,ऐसे में उनके साथ दमनकारी रवैया निंदनीय है,अगर जनता के मुद्दों पर हो रहे आंदोलन को ताक़त से कुचला जाएगा तो अंग्रेज सरकार और आज़ाद भारत की सरकार में क्या ही फर्क रह जाएगा?”

अख्तरूल ईमान ने प्रशांत किशोर को पुलिस द्वारा थप्पड़ मारे जाने को लेकर कहा कि “ये थप्पड़ प्रशांत किशोर को नहीं भारत की लोकतंत्र को मारा गया है”

उधर महागठबंधन के अहम घटक दल भाकपा माले ने भी प्रशांत किशोर के साथ हुई कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए इसकी निंदा की और उनकी रिहाई की मांग की,

माले ने प्रशांत किशोर और छात्रों के आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान क्या

भाकपा माले ने अपने प्रेस रिलीज़ में प्रशांत किशोर की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि “सरकार ने बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांगों को सुनने की बजाय उलटे ठंड के मौसम में बेरहमी से लाठियां चलाई, वाटर कैनन का प्रयोग किया गया तथा अभ्यर्थियों सहित आंदोलन के समर्थन में पहुंचे माले, सीपीआई, सीपीएम और कांग्रेस विधायकों सहित अन्य लोगों पर तरह-तरह के फर्जी मुकदमे लाद दिए,दमन का पूरे देश में विरोध हुआ, उसकी निंदा हुई, बावजूद सरकार बाज नहीं आई और न ही बीपीएससी की पुनर्परीक्षा कार्रवाई की गई”

माले ने कहा कि “लोकतंत्र पर इस हमले और बिहार को पुलिस राज में तब्दील करने के प्रयासों का जवाब बिहार की जनता जोरदार तरीके से देगी”

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