
पटना (सैफुर रहमान/इंसाफ़ टाइम्स) इलेक्शन कमीशन ने ऐलान किया है कि बिहार के खाली हुए उन पांच राज्य सभा सीटों पर 10 जून को इलेक्शन होगा जो पांच सीट भाजपा के दो सदस्य गोपाल नारायण सिंह और सतीश चन्द्र दूबे , जदयू के राम चन्द्र प्रसाद सिंह और जदयू से ही राज्य सभा गए शरद यादव साथ ही राजद कि मीसा भारती का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से ख़ाली हो रहा है राज्य सभा के लिए विधायक को वोट करना होता है जिसमें एक राज्य सभा सीट के लिए 41 विधायक के वोट की ज़रूरत होती हैइस बार एनडीए के पास 125 विधायक है जिसके हिसाब से एनडीए के 03 राज्य सभा सदस्य होंगे जिसमें भाजपा के 77 विधायक होने की वजह से नेचुरली दो राज्य सभा सीट भाजपा के खाते में जाएगा और जदयू के कीऊंकी सिर्फ 45 विधायक है तो उनको एक सीट का नुकसान होगा और सिर्फ़ 01 राज्य सभा सदस्य उनकी तरफ़ से जा सकेंगे, तो वहीं राजद को एक सीट का फ़ायदा होगा क्योंकि उनके 76 सदस्य बिहार विधानसभा में है और लेफ्ट गठबंधन के 16 विधायकों का सपोर्ट भी राजद को हासिल होगाविधान सभा भेजे जाने के लिए राजद की तरफ़ से कई महत्वपूर्ण नाम सामने आ रहे है जिसमें एक तो खुद मीसा भारती को दुबारा भेजे जाने कि उम्मीद है तो वहीं मुंबई के बाबा ज़ियाउद्दीन सिद्दीक़ी जो कि इस साल रमज़ान में फ़िल्म स्टार्स व नेताओं का इफ़्तार पार्टी कर के चरचे में आए थे साथ ही शरद यादव और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता कपिल सिब्बल का नाम भी बहस में है लेकिन आखरी फ़ैसला लालू प्रसाद यादव लेंगेजदयू से आरसीपी सिंह को दुबारा भेजे जाने की ज़ियादा उम्मीद है लेकिन पार्टी महासचिव अफाक अहमद खान व और चंद अहम लोगों के नाम भी पार्टी में बहस में है।जब कि भाजपा से शायद भूमिहार व राजपूत नेताओ को भेजा जाए कीऊंकि राजद ने जब से भूमिहार वोट में सेंध मारा है तब से भाजपा इस वोट को बचाने के लिए प्लान कर रही हैइलेक्शन के लिए 24 मई से 31 मई तक नॉमिनेशन होगा और 01 जून को कैंडिडेट्स कि छटाई होगी तो वहीं 03 जून तक नाम वापसी का मौका दिया जाएगा