पटना में 26 मार्च को होने वाले वक़्फ़ (संशोधन) बिल के खिलाफ धरने को SDPI का मजबूत समर्थन,शामिल होंगे नेता और कार्यकर्ता – प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आफ़ताब आलम

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, इमारते शरिया और अन्य संगठनों के आह्वान पर 26 मार्च 2025 को पटना के गर्दनीबाग में वक़्फ़ (संशोधन) बिल के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस बारे में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर आफताब आलम ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि “हमारी पार्टी इस ऐतिहासिक धरने का मजबूती से समर्थन करती है और पार्टी के कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ इसमें शामिल होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आफ़ताब आलम का बयान

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आफ़ताब आलम ने कहा कि “यह धरना सिर्फ वक़्फ़ संपत्तियों की रक्षा का नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। वक़्फ़ (संशोधन) बिल, सरकार की एक साजिश है जिससे मुसलमानों और अन्य कमजोर वर्गों की संपत्तियों को हड़पा जा सके। SDPI इस कानून को पूरी तरह से खारिज करती है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करती है।”

SDPI का व्यापक विरोध अभियान

डॉ. आफ़ताब आलम ने बताया कि SDPI न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में इस बिल के खिलाफ आंदोलन चला रही है।
-बिहार के पूर्णिया जिले के रंगभूमि मैदान में SDPI ने एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें हजारों लोगों ने वक़्फ़ बिल के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
-राज्यभर में SDPI ने कई छोटे-बड़े विरोध प्रदर्शन किए, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
-देशभर में SDPI ने सैकड़ों विरोध प्रदर्शन और कई बड़े सम्मेलन आयोजित किए, जिसमें लाखों लोगों ने सरकार के इस अन्यायपूर्ण कदम के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।

SDPI के राष्ट्रीय नेता भी होंगे शामिल

डॉ. आफ़ताब आलम ने जानकारी दी कि SDPI के राष्ट्रीय नेता भी 26 मार्च को पटना के धरने में शामिल होंगे और सरकार को कड़ा संदेश देंगे कि वक़्फ़ संपत्तियों पर कब्जे की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता से अपील

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आफ़ताब आलम ने मुसलमानों, अनुसूचित जाति/जनजाति समुदायों और सभी धर्मनिरपेक्ष नागरिकों से अपील की कि वे 26 मार्च को पटना के गर्दनीबाग में होने वाले इस ऐतिहासिक धरने में भारी संख्या में शामिल हों और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी ताकत दिखाएं।

उन्होंने कहा कि “हम सभी न्यायप्रिय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में विश्वास रखने वाले नागरिकों से इस धरने में शामिल होने की अपील करते हैं।”

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