सुप्रीम कोर्ट ने UMEED पोर्टल पर मुतवल्ली की याचिका खारिज की, अधिकारियों के पास जाने की दी सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के वक्फ मुतवल्ली हशमत अली द्वारा UMEED पोर्टल पर तकनीकी और संरचनात्मक खामियों के हवाले से दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे प्रशासनिक हैं, संवैधानिक नहीं, और इनका समाधान संबंधित अधिकारियों या उच्च न्यायालय से कराया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमलया बागची की पीठ ने हशमत अली को सलाह दी कि वे अपनी शिकायत अधिकारिक स्तर पर उठाएं।

हशमत अली ने दावा किया कि UMEED पोर्टल में तकनीकी खामियां हैं और वक्फ संपत्तियों का विवरण सही ढंग से अपलोड करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि “Waqf by Survey” श्रेणी को पोर्टल पर अलग दिखाने का विकल्प नहीं है, क्योंकि इसे “Waqf by User” में मिला दिया गया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव वैधानिक नियमों के तहत किया गया है और किसी तकनीकी त्रुटि के दायरे में नहीं आता। पीठ ने कहा कि अगर वक्फ पहले से पंजीकृत है तो इससे उनके अधिकारों में कोई हानि नहीं होती।

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी सवाल उठाया कि याचिका सीधे सुप्रीम कोर्ट में क्यों लाई गई। वरिष्ठ वकील मेनेका गुरुस्वामी ने जवाब दिया कि पहले से ही 2025 के वक्फ कानून के संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अधिकारिक प्राधिकरणों या उच्च न्यायालय के पास शिकायत करने की आज़ादी दी है। यदि यह मामला वक्फ कानून के बड़े मुद्दों से जुड़ा है, तो अन्य चल रही याचिकाओं के संदर्भ में इसे उठाया जा सकता है।

UMEED पोर्टल जून 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य भारत भर के वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रजिस्टर तैयार करना और उन्हें 2025 के Waqf Rules के अनुरूप अपलोड करना है।

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को मिली नई नेतृत्वकारी दिशा, उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ता प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ निदेशक नियुक्त

प्रख्यात उर्दू विद्वान, शायर और आलोचक प्रोफेसर ज़ाहिदुल हक़ ने आज ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार के नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय को शामिल नहीं किए जाने पर जताई गहरी चिंता

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी एलुमनाई फ्रेटरनिटी (एमएएफ) ने बिहार सरकार द्वारा “सेवन रिजॉल्व्स-3 (2025-30)”

शोध को वास्तविक समाधानों में बदलना:ज़हूर हुसैन बट

आईआईटी कानपुर-एनवाईयू टंडन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की साझेदारी यह दिखाती है कि उभरती प्रौद्योगिकियों में

मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार की योजना के अंतर्गत उर्दू भाषा सेल, मज़फ्फरपुर