जनगणना को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, जातिगत जनगणना नहीं हुआ तो नहीं होने देंगे जनगणना

भारत में हर दस साल पर अवाम कि होने वाले गिनती यानी जनगणना का काम जल्द हि शुरू होने वाला है- और इस बीच कई दशक से हो रहे जातिगत जनगणना की मांग ने फिर ज़ोर पकड़ लिया है- इस मामले में बिहार में भाजपा को छोड़ कर सभी राजनीतिक पार्टियां गोलबंद हो चुकी है और पहले ही मुख्मंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत तमाम छोटी व बड़ी पार्टियों के लीडर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिल चुके है और बिहार विधानसभा में दो बार इस मांग को लेकर प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा जा चुका हैअब इस मांग को लेकर विपक्ष के लीडर सह राजद के नेता तेजस्वी यादव ने अपने ऑफिशियल ट्विटर व फ़ेसबुक पर बड़ा बयान जारी कर कहा है कि अगर जातिगत जनगणना नहीं हुआ तो वो जनगणना होने नहीं देंगे उन्हों ने भाजपा को सामाजिक न्याय का दुश्मन भी बतायामालूम हो कि आखरी बार जातिगत जनगणना 1931 में हुआ था और आजतक उसी के आधार पर रिज़र्वेशन के तमाम मामलात होते हैं इसी लिए लगातार राजनीतिक, सामाजिक संगठनों द्वारा ख़ास कर ओबीसी समुदाय के संगठनों द्वारा जनगणना में ज़ात का कालम बढ़ाने की मांग होती रहती है

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मज़फ्फरपुर में उर्दू भाषा प्रकोष्ठ का प्रतियोगिता कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की उत्कृष्ट प्रतिभा, ‘उर्दू नामा’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण

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